Friday, December 6, 2013

मुख्यमंत्री ने श्री नेल्सन मंडेला के निधन पर शोक व्यक्त किया

जयपुर, 6 दिसम्बर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति श्री नेल्सन मंडेला के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
श्री गहलोत ने शोक संदेश में कहा कि श्री मंडेला ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों का अनुसरण करते हुए रंगभेद एवं नस्लवाद के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने अपना पूरा जीवन विश्व में शान्ति, स्वतंत्रता, समानता, लोकतांत्रिक शासन की स्थापना एवं आपसी भाईचारे के लिए समर्पित कर दिया। वे पूरी दुनिया के लिए हमेशा एक प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत की आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

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Saturday, November 30, 2013

मुख्यमंत्री की प्रदेशवासियों से अपील

विकास और गुड-गवर्नेंस के नाम पर कांग्रेस को अपना मत एवं समर्थन दें।
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने विधानसभा चुनाव की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों से अपील की है कि हमारी कांग्रेस सरकार द्वारा पांच साल में किए गए विकास कार्यों और गुड-गवर्नेंस को देखते हुए कांग्रेस के पक्ष में अधिकाधिक मतदान कर अपना आर्शीवाद और सहयोग प्रदान करें।
मुख्यमंत्री ने आज जारी अपने बयान में कहा कि हमने संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देने का प्रयास किया है। पांच साल में हमने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और सड़कों के विकास के साथ सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में निशुल्क चिकित्सा, निशुल्क जांच, निशुल्क पशु चिकित्सा, पेंशन और गरीबों को आवास सुविधा उपलब्ध कराने के ऐतिहासिक क़दम उठाए हैं। लेकिन विपक्ष ने दवा को ज़हर और पेंशन को रेवड़ियां बताने के साथ बौखलाहट में अपने अनर्गल आरोपों से आम जन को भ्रमित करने का प्रयास किया है। उनकी स्थिति अब ऐसी हो गई है कि ना उनसे उगलते बन रहा है और ना ही निगलते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने तो बार-बार कहा है कि प्रदेशवासी भाजपा के पांच साल के शासन की तुलना हमारे पांच साल के शासन से कर लें और खुद ही फैसला करें कि किसने क्या किया ? इससे अपने आप दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
अतः मैं प्रदेशवासियों से अपील करना चाहूंगा कि हमारे विकास के कामों और गुड-गवर्नेंस को देखते हुए चुनाव मतदान के इस महापर्व पर अपना मत एवं समर्थन कांग्रेस को दें। मैं विश्वास दिलाता हूं कि कांग्रेस आपके आर्शीवाद और सहयोग से फिर से सरकार में आकर विकास की वर्तमान योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं को और मजबूती से लागू कर राजस्थान को प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ाएगी और आम जन को अधिक से अधिक राहत पहुंचाने का काम करेगी।

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Saturday, November 16, 2013

नई नीतियों से बदला विकास का परिदृश्य

जयपुर, 16 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने एक सिद्धहस्त कुशल शिल्पी की भांति प्रदेश के सर्वांगींण विकास को मूर्त रूप दिया। उन्होंने आम आदमी के हित चिन्तन के साथ ऐसी लोककल्याणकारी नीतियां बनाई जिन्‍होंने राजस्थान के विकास के परिदृश्य को ही बदलकर रख दिया। इन नीतियों का परिणाम है कि आज राजस्थान विकास के पथ पर तेजी से कदम बढ़ाते हुए देश के अग्रणी विकसित राज्यों की कतार में आ खड़ा हुआ है।
प्रगतिशील एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ प्रभावी रूप से लागू की गई राज्य सरकार की इन नीतियों की देश भर में प्रशंसा हुई तथा देश की कई राज्य सरकारों ने अपने प्रदेश में इन नीतियों एवं कार्यक्रमों को क्रियान्वित करने की दिशा में पहल की। मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना, मुख्यमंत्री पशुधन निशुल्क दवा योजना, सामाजिक सुरक्षा की सम्मान पेंशन योजनाओं तथा अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी इसके उदाहरण हैं।
राजस्थान लोकसेवाओं के प्रदान करने की गारंटी अधिनियम-2011, भ्रष्टाचार के विरुद्ध राजस्थान विशेष न्यायालय अधिनियम, राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम-2012, सुनवाई का अधिकार जैसे राज्य सरकार के विभिन्न नवाचारों एवं सशक्त कदमों से न केवल विभिन्न विभागों के कार्यकलापों में तेजी के साथ पारदर्शिता भी आई। इन नीतियों से सेवाओं की प्रदाय प्रणाली में सुधार के साथ ही आम आदमी को  त्वरित रूप से लोकसेवाओं का लाभ पहुंचाना भी संभव हुआ है।
विभागीय क्रियाकलापों में संवेदनशीलता के साथ जवाबदेही लाने तथा आम आदमी को लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए योजनाओं के निर्माण तथा उनका नीति आधारित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नीतियां जारी की हैं। राज्य सरकार की कृषि प्रसंस्करण एवं कृषि व्यवसाय प्रोत्साहन नीति, पशुधन विकास नीति, बायोमॉस आधारित परियोजनाएं स्थापित करने के लिए नई नीति, पर्यावरण नीति, वन नीति, इको-टूरिज्म नीति, जल-नीति, सौर ऊर्जा नीति, उद्योग एवं निवेश संवर्द्धन नीति, कच्ची बस्ती विकास नीति, राज्य कर्मचारियों के लिए आवास नीति, विशेष योग्यजनों के लिए नीति, कृषि नीति, बालिका नीति आदि नीतियों एवं कार्यक्रमों का समाज के सभी वर्गों के लोगों को आशातीत लाभ पहुंचा है।

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मुख्यमंत्री की वैज्ञानिक प्रो. सी.एन. आर. राव को भारत रत्न पर बधाई

जयपुर, 16 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने देश के सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रो. सी.एन.आर. राव को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की घोषणा का स्वागत करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी है।
श्री गहलोत ने अपने संदेश में कहा कि एक रसायन विज्ञानी के रूप में प्रो. राव की उल्लेखनीय सेवाओं के लिए उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया गया है। विज्ञान के क्षेत्र में उनकी गौरवमयी उपलब्धियां युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी होंगी।

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मुख्यमंत्री की सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न पर बधाई

जयपुर, 16 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने सुप्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजे जाने की घोषणा का स्वागत करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी है।
श्री गहलोत ने अपने संदेश में कहा कि विश्व क्रिकेट में सचिन का योगदान अतुलनीय है। खेल के प्रति उनके गहरे समर्पण, खेल भावना के आदर तथा जीवन में अनुशासन ने ही सचिन को क्रिकेट जगत के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचाया। एक खिलाड़ी के रूप में उन्होंने विश्व क्रिकेट को ऊंचाईयां प्रदान की। उन्हें यह सम्मान देश के करोड़ों खेल प्रेमियों की भावना का सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे कम उम्र तथा देश के पहले खिलाड़ी के रूप में उनकी यह उपलब्धि नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए अनुकरणीय रहेगी।

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मुख्यमंत्री की गुरू नानक जयन्ती पर शुभकामनाएं

जयपुर, 16 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने गुरू नानक जयन्ती (17 नवम्बर) के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
श्री गहलोत ने अपने संदेश में कहा कि गुरू नानक देव महान दार्शनिक चिंतक और सामाजिक चेतना के अग्रदूत थे। उन्होंने सभी को धर्म, जाति एवं क्षेत्र के दायरे से ऊपर उठकर पीड़ित मानवता की सेवा करने तथा सच्चाई की राह पर चलने की प्रेरणा दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरू नानक देव की शिक्षाएं एवं उपदेश आज भी प्रासंगिक हैं। हमें उनके संदेश को आत्मसात कर देश एवं प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान करने का संकल्प लेना चाहिए।
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मुख्यमंत्री की सचिन तेंदूलकर की शानदार विदाई पर बधाई

जयपुर, 16 नवम्बर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय एवं विश्व क्रिकेट की शान सचिन तेंदूलकर की विदाई पर उनके सुखद और स्वस्थ जीवन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
गहलोत ने कहा कि दो दशक से अधिक समय तक अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अनेकों कीर्तिमान बनाने वाले सचिन तेंदूलकर के अभूतपूर्व योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने 200 टेस्ट मैचों के साथ एक दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय मैचोंटी-20 सहित घरेलू क्रिकेट में रनों का अम्बार लगाकर विश्व क्रिकेट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। भारतीय टीम ने आज वेस्टइंडीज के विरूद्ध लगातार दूसरा टेस्ट मैच जीतकर सचिन को शानदार तोहफा देते हुए उनकी विदाई को अविस्मरणीय बना दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरले खिलाड़ी सचिन तेंदूलकर नई पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणा स्त्रेत बने रहेंगे तथा उनके शानदार प्रदर्शन विश्व क्रिकेट में हमेशा अनुकरणीय बने रहेंगे।

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Friday, November 15, 2013

मुख्यमंत्री की वरिष्ठ साहित्यकार ओंकार श्री के निधन पर संवेदना

जयपुर, 15 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने राजस्थानी भाषा के वरिष्ठ साहित्यकार ओंकार श्री के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
अपने संवेदना संदेश में श्री गहलोत ने कहा कि ओंकार श्री ने अपने सशक्त लेखनकर्म से राजस्थानी भाषा एवं साहित्य को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर के सचिव और राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर के संस्थापक सचिव के रूप में दी गई उनकी उल्लेखनीय सेवाओं को सदैव याद किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत की आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

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अभिनव पहल से कर्मचारी कल्याण

जयपुर, 15 नवम्बर। राजस्थान में विशाल शासन तंत्र की धुरी के रूप में हमारे कर्मचारियों के महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए राज्य सरकार ने पहली बार कर्मचारी कल्याण के लिए अभूतपूर्व कदम उठाये। अनेक राहतों, पदोन्नति का तोहफा सहित बड़े निर्णर्यों से कर्मचारी जगत में संतुष्टि का भाव नजर आता है।
राज्य कर्मचारी की संतान को विशेष योग्यजन होने की स्थिति में पहली बार आजीवन पारिवारिक पेंशन की पात्रता दी गई। साथ ही विधवा या परित्यक्ता पुत्री को पारिवारिक पेंशन हेतु अधिकतम 9 वर्ष की आयु की सीमा को समाप्त किया गया।
राज्य कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान दुर्घटना, जान बूझ कर पहुंचायी गयी चोट, पब्लिक वाँयलेंस, चुनाव एवं मत गणना में ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर 20 लाख रुपये एक्स-ग्रसिया के रूप में देने का प्रावधान किया गया। सेवा निवृत राज्य कर्मचारियों को विशेष राहत प्रदान करते हुए उनकी मेडीकल डायरी के नवीनीकरण की आवश्यकता को समाप्त किया गया।
राज्य में 50 वर्ष की अधिक आयु के राजकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वर्ष में एक बार राजकीय अस्पतालों में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की सुविधा दी गई। महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए एक वर्ष से कम उम्र के बच्चे को गोद लेने पर 180 दिन का प्रसूति अवकाश दिया जा रहा है।
राज्य सरकार ने वर्षों से लम्बित विभागीय पदोन्नति देने के महत्वपूर्ण निर्णय से 80 हजार कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला। राज्य में 10 हजार 321 व्यक्तियों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गई। केन्द्रीय छटें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर राज्य कर्मचारियों को संशोधित वेतन मान 1 जनवरी, 2006 के स्थान पर 1 जनवरी, 2006 से स्वीकृत किए गए। राज्य में कर्मचारी की पूर्ण पेंशन हेतु 33 वर्ष की सेवा अवधि को 28 वर्ष किया गया तथा सेवा अवधि में प्रतिवर्ष 15 दिवस के समर्पित अवकाश का नकद अवकाश भुगतान करने की सुवधिा पहली बार प्रदान की गई।

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Thursday, November 14, 2013

मोहर्रम पर मुख्यमंत्री का संदेश

जयपुर, 14 नवम्बर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मोहर्रम का महीना नेकी की राह पर चलते हुए अपनी जान कुरबान कर देने वाले हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद दिलाता है।
गहलोत ने मोहर्रम पर अपने पैगाम में कहा कि हजरत इमाम हुसैन सदा उसूलों पर चले तथा मैदान-ए-कर्बला में हक के लिए उन्होंने अन्याय के आगे सर झुकाने की बजाय अपनी शहादत दे दी। उनकी यह शहादत कौम के लिए आज भी सबको अन्याय के विरूद्ध लड़ने की प्रेरणा दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी राह पर चलकर ही हमें सूबे और मुल्क की तरक्की के लिए काम करने तथा वक्त आने पर हर तरह से कुर्बानी देने के लिए तैयार रहना चाहिए।

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राजस्थान : महिलाओं एवं बच्चों के विकास में आगे

जयपुर, 14 नवम्बर। राजस्थान में महिलाओं एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में सुनियोजित कार्यों तथा योजनाओं के माध्यम से अनुकरणीय कार्य हुए हैं जिन्हें देशभर में प्रशंसा मिली। मां और बच्चे के स्वास्थ्य से लेकर उन्हें सामाजिक सुरक्षा देने की अभिनव पहल की वजह से ही आज इनके चेहरे खिले हुए है।
प्रदेश में पहली बार सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 2.86 लाख विधवा, परित्यक्ता, एकल नारी पेंशन में सरलीकरण की वहज से ही लाभान्वित हुई। महिलाओं को राज्य में रोड़वेज की सभी श्रेणी की बसों के किराये में 30 प्रतिशत की छूट दी गई।
राजस्थान जननी शिशु सुरक्षा योजना की शानदार क्रियान्वित के परिणाम स्वरूप 24.5 लाख से ज्यादा महिलाएं एवं 4.73 लाख नवजात शिशु लाभान्वित हुए। प्रदेश में बेटी के जन्म को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शुभ लक्ष्मी योजना के तहत कन्या जन्म से लेकर उसकी पांच वर्ष की आयु होने तक कुल 7 हजार 300 रुपये का नकद सहयोग दिया जा रहा है।
पुलिस महकमें में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 30 प्रतिशत एवं नगर निकायों में निर्वाचित पदों पर महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित किये गये। महिलाओं को सूचना क्रांति से जोड़ने के लिए आर.के.सी.एल. के माध्यम से कम्प्यूटर की बेसिक शिक्षा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री सम्बल योजना के तहत विधवा/परित्यक्ता महिलाओं के लिए बी.एड/बी.एस.टी.सी. पाठ्यक्रम निःशुल्क करवाया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये के अंशदान से आंगनबाड़ी कल्याण कोष स्थापित किया गया।
अनुसूचित जाति उपयोजना क्षेत्र में प्रथम बार स्कूल पूर्व शिक्षा के लिए 348 प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की गई। राज्य में बाल कल्याण व बाल संरक्षण के उद्देश्य से पहली बार बाल अधिकार संरक्षण आयोगका गठन किया जा चुका है। बालकों के अधिकारों के संरक्षण एवं उनकी सुरक्षा के उद्देश्य से पृथक से एक बाल निदेशालय स्थापित किया। महिला सशक्तीकरण के लिए राजकीय उपक्रमों के निदेशक मण्डलों में एक तिहाई महिलाओं का मनोनयन किए जाने का निर्णय लिया गया। सभी जिला मुख्यालयों पर महिला थानों में महिला एवं सलाह केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं।
रक्षाबंधन एवं महिला दिवस (8 मार्च) पर सभी महिलाओं को रोडवेज में निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जाती है। महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित सामग्री को सरकारी खरीद में प्राथमिकता दी जा रही है। 47 हजार 416 बीपीएल महिलाओं को पुत्रियों के विवाह हेतु 49.22 करोड़ रुपये की अनुदान राशि दिया गया।  स्वयं सहायता समूह के सदस्यों के प्रशिक्षण हेतु प्रत्येक जिले के एक-एक ब्लॉक में धनलक्ष्मी समृद्धि केन्द्र की स्थापना की जा रही है।
9 हजार 232 आंगनबाड़ी केन्द्रों को पहली बार विद्यालयों में स्थानान्तरित किये गये है। कलेवा योजना के अन्तर्गत प्रसूता महिलाओं को स्वास्थ्य केन्द्र पर गर्म भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। महिला उद्यमियों के लिए समय से ऋण चुकाने पर ब्याज दर में एक प्रतिशत की छूट प्रदान की जाती है।
महिलाओं के सशक्तीकरण तथा उनको शोषण एवं उत्पीड़न से बचाने व संरक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा जनू, 2012 से महिला हेल्पलाइन नम्बर 18001806781 चालू की जा चुकी है। सामूहिक विवाह योजना में वधू को देय 4 हजार 500 रुपये को बढ़ाकर 10 हजार रुपये एवं आयोजकों के देय 1500 रुपये से बढ़ाकर 2000 प्रति जोड़ा किया गया है।

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Wednesday, November 13, 2013

बाल दिवस पर मुख्यमंत्री की शुभकामनाएं

जयपुर, 13 नवम्बर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बाल दिवस (14 नवम्बर) पर बच्चों को उनके स्वर्णिम भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए उन्हें होनहार नागरिक बनाने का आह्वान किया है।
देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू की जयन्ती के अवसर पर मनाये जाने वाले इस दिवस पर गहलोत ने अपने संदेश में कहा कि पं. नेहरू का बच्चों के समग्र विकास का सपना आज पूरा हो रहा है। देश-प्रदेश के बच्चे आज विज्ञान, कला, संस्कृति सहित विविध क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा के बल पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के बच्चे आने वाले कल के जागरूक नागरिक बनें, इसके लिए उन्हें उनकी रूचि के क्षेत्र में समुचित प्रोत्साहन देने की महत्ती आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हम बच्चों की योग्यता, क्षमता के साथ ही उनकी भावनाओं को समझकर उन्हें आगे बढ़ाने में सहयोग दें।

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प्रोत्साहन से खिलाड़ियों में भर रहा आत्मविश्वास

जयपुर, 13 नवम्बर। राजस्थान में खेलों के विकास के लिए विगत पांच वर्षों में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये जिससे खिलाड़ियों को नई ऊर्जा मिली तथा उनका जीत का संकल्प और अधिक दृढ़ हुआ। खेल नीति के माध्यम से खेलों और खिलाड़ियों का सर्वांगीण विकास का लक्ष्य धीरे-धीरे मूर्त रूप ले रहा है। आज राजस्थान के खिलाड़ी एथेलेटिक्स, निशानेबाजी, बास्केटबॉल सहित अनेक खेलों में राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर ही राज्य में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि में 10 गुणा वृद्धि हुई है। इससे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा है तथा वे दृढ़ संकल्प के साथ खेल प्रतिस्पर्धाओं में पदक जीतने की होड़ में निरन्तर आगे बढ़ रहे हैं।
राज्य की खेल नीति, 2013 लागू की गई। इसका उद्देश्य खेलों के सर्वांगीण विकास तथा खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाओं और मैदान उपलब्ध करवाना है ताकि हमारे खिलाड़ी देश में किसी से पीछे नहीं रहें। खेलों का सुनियोजित विकास करने की दिशा में इस खेल नीति से नये आयाम स्थापित होंगे।
राज्य में महिला खिलाड़ियों को समुचित प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पटियाला की राष्ट्रीय खेल संस्था से डिप्लोमा करने के लिए 40 हजार रुपये के स्टाइपंड की व्यवस्था की गई है। जिससे हमारी महिलाएं बेहतर खिलाड़ी के साथ-साथ अच्छी प्रशिक्षक भी बन सके।
विशेष योग्यजन खिलाड़ियों को भी सामान्य खिलाड़ियों की तरह प्रोत्साहन दिया जा रहा है। जिससे ये खेलों के माध्यम से अपने व्यक्तित्व का विकास कर एक खिलाड़ी के रूप में बेहतर प्रदर्शन कर सके। प्रदेश में जनजाति के खिलाड़ियों को परम्परागत तीरंदाजी खेल में विशेष प्रशिक्षण देने के लिए उदयपुर के महाराणा प्रताप खेल गांव, चित्रकूट नगर में तीरंदाजी खेल एकेडमीकी स्थापना की गई है।
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Tuesday, November 12, 2013

निःशुल्क जांच और दवा से मिल रही दुआ

जयपुर, 12 नवम्बर। प्रदेश में निःशुल्क दवा, निःशुल्क जांच योजना लाखों करोड़ों मरीजों के लिए संजीवनी से कम नहीं। बीमारी के दौरान ईलाज में पानी की तरह बहता पैसा कब मरीज को कर्ज के पहाड़ तले दबा देता था, उसका पता ही नहीं चलता था। ऎसे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक अभूतपूर्व निर्णय लेकर पहले आम से खास आदमी को बीमार होने पर निःशुल्क दवा और बाद में निःशुल्क जांच का जो सम्बल दिया उससे आज करोड़ों लोग उन्हें दुआएं दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के अन्तर्गत मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अस्पताल में 500-550, जिला अस्पताल में 325-400, सीएचसी में 150-250, पीएचसी में 100-150 प्रकार की दवाईयां एवं सर्जीकल्स तथा उप केन्द्र में 20-30 दवाईयां निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। अब तक इस योजना से 12.72 करोड़ से अधिक पंजीकृत रोगी लाभान्वित हो चुके हैं। बालिकाओं, वृद्धजनों, विशेष योग्यजनों एवं गरीबों को इस योजना का सर्वाधिक फायदा मिला है। गत लगभग दो वर्षों में 311.13 करोड़ रुपये लागत की दवाईयां वितरित की गई। इस योजना के क्रियान्वयन से गरीब लोगों की कम से कम दो हजार करोड़ रुपये की शुद्ध बचत हुई है।
निःशुल्क दवा के बाद मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में चिकित्सा महाविद्यालयों से सम्बद्ध चिकित्सालयों, जिला चिकित्सालयों एवं सैटेलाइट चिकित्सालयों में ईसीजी, एक्स-रे, सोनोग्राफी एवं अन्य आवश्यक सामान्य जांचें निःशुल्क उपलब्ध है। तृतीय चरण में भी प्रदेश के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं सिटी डिस्पेंसरियों में 15 अगस्त, 2013 से आवश्यक जांचें निःशुल्क उपलब्ध है।
सभी राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं सम्बद्ध चिकित्सालयों में 57 प्रकार की व जिला चिकित्सालयों, उप-जिला चिकित्सालयों एवं सैटेलाइट चिकित्सालयों में 44 प्रकार की जांचे निःशुल्क उपलब्ध है। डायलसिस एवं लिपिड प्रोफाइल सहित 20 अन्य जांचें भी 2 अक्टूबर, 2013 से निःशुल्क उपलब्ध हो रही है। योजना में अब तक एक करोड़ से ज्यादा निःशुल्क जांचें की गई हैं।

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Monday, November 11, 2013

Press Note - गुर्जर आरक्षण के सम्‍बन्‍ध में - 11.11.2013

जयपुर 11 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि श्रीमती वसुन्धरा राजे गुर्जरों को कौनसे 5 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कर रही हैं। हमारी कांग्रेस सरकार ने तो विशेष पिछड़ा वर्ग (गुर्जर, बंजारा, रायका रेबारी, गाडिया लुहार, गडरिया) को अनेक बाधाएं पार करते हुए 5 प्रतिशत आरक्षण दे दिया है।
श्री गहलोत ने आरोप लगाया कि ऐसा आभास होता है कि इनके ही इशारे पर लोगों ने माननीय उच्च न्यायालय में प्रार्थना पत्र लगवाकर स्टे ले लिया है, जिससे कांग्रेस सरकार को इसका श्रेय नहीं मिले। फिर भी हमने माननीय न्यायालय से फैसला करवाकर विशेष पिछडा वर्ग के अन्तर्गत 1 प्रतिशत आरक्षण लागू करवाया है। शेष 4 प्रतिशत आरक्षण न्यायालय के निर्णयाधीन है। हमें आशा है शीघ्र ही उसका फैसला भी विशेष पिछडा वर्ग के पक्ष में आयेगा। तब तक हमारी सरकार विशेष पिछडा वर्ग को अन्य पिछडा वर्ग के 21 प्रतिशत में से आरक्षण देने का प्रावधान बनाये रखेगी।
मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी की प्रदेशाध्यक्ष श्रीमती वसुन्धरा राजे पर गुर्जरों को आरक्षण देने के मुद्दे पर एक बार पुनः भ्रमित करने का आरोप लगाया हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमती राजे द्वारा प्रदेश में सत्ता में आने पर गुर्जरों को 5 प्रतिशत आरक्षण की दुबारा बात करना एक बार पुनः झूंठे आश्वासन के अलावा कुछ नहीं हैं।
श्री गहलोत ने कहा कि श्रीमती राजे ने पिछली बार परिवर्तन यात्रा के दौरान आरक्षण के मामले में गुर्जर समाज को इसी तरह से भ्रमित किया था जिसका परिणाम अत्यन्त विध्वंसकारी रहा।  श्रीमती राजे के शासन में आरक्षण की मांग कर रहे गुर्जरों पर पुलिस फायरिंग में 70 लोग मारे गये।

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महत्वाकांक्षी परियोजनाएं बदलेंगी राजस्थान का भविष्य

जयपुर, 11 नवम्बर। राज्य सरकार ने करीब पांच साल के अपने शासन काल के जहां हर वर्ग की बेहबूदी के लिये महत्वपूर्ण निर्णय लिये वहीं अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से राजस्थान का भविष्य बदलने की नीव भी रख दी है।
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की दूर दृष्टि, पक्का इरादा और अपने संकल्प को मूर्त रूप देने का अनुशासन ही आज इस मरु प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाकर खड़ा करती है। प्रदेश में रिफाइनरी सह-पेट्रोलियम संकुल, जयपुर मेट्रों, रतलाम-बांसवाड़ा-डूंगरपुर लाइन, बाडमेर लिफ्ट परियोजनाओं सहित अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं के माध्यम से आज राजस्थान तेज गति से आगे बढ रहा है। ये सभी योजनाएं प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
बाड़मेर जैसे मरुस्थलीय क्षेत्र में काले सोने की चमक भविष्य के दूरगामी परिणाम बता रही है। यहां नब्बे लाख टन क्षमता की रिफाइनरी सह-पेट्रोलियम संकुल की स्थापना की जा रही है। इस पर 37 हजार 229 करोड़ रुपये की लागत आयेगी तथा इसकी निर्माण अवधि में ही 1.25 लाख एवं ऑपरेशन के दौरान 1.39 लाख व्यक्तियों को रोजगार मुहैया होगा। जयपुर में 9 हजार 732 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी जयपुर मेट्रों रेल परियोजना का कार्य भी तीव्र गति से चल रहा है। परियोजना के प्रथम चरण-ए मेंं 2 हजार 83 करोड़ रुपये की लागत से मानसरोवर से चांदपोल तक का काम लगभग पूर्ण हो रहा है। इस चरण में मेट्रों रेल का ट्रायल रन भी चल रहा है और वह दिन ज्यादा दूर नही जब गुलाबी नगर के लोग मेट्रों रेल का आनन्द लेंगे। जयपुर में 150 करोड़ रुपये की लागत से ऎतिहासिक घाट की गूनी परियोजना भी पूरी हो चुकी है।
प्रदेश के आदिवासी बहुल बांसवाड़ा-डूंगरपुर जिले रेल लाईन से जुड़े, इसके लिये राज्य सरकार ने कुल लागत का 50 प्रतिशत (1200 करोड़ रुपये) एवं भूमि उपलब्ध करवाकर एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस दिशा में 200 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त रेलवे में जमा करवा दी गई है। इसके तहत 176 किलोमीटर रेलमार्ग पर 2083 करोड़ रुपये व्यय होंगे। राज्य के सहयोग से देश में पहली बार रतलाम से डूंगरपुर वाया बांसवाड़ा रेल लाईन का निर्माण किया जा रहा है। मरुस्थल में हिमालय का मीठा पानी सुलभ करवाने की अभूतपूर्व पहल की गई है, जिसके तहत 688 करोड़ रुपये की लागत से बाड़मेर लिफ्ट परियोजना पर कार्य किया, जिससे जिले के 529 एवं जैसलमेर के 162 गांवों को मीठा पानी उपलब्ध हो रहा हैं।
प्रदेश में बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों के परिणामस्वरूप सूरतगढ़ सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन में आधुनिक सुपर क्रिटिकल तकनीक आधारित ईकाइ 7 एवं 8 (2ग्660) की स्थापना का कार्य आरम्भ हो चुका है। जिस पर 7920 करोड़ रुपये की लागत आयेगी। जनवरी 2009 में सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित 660 मेगावाट की दो और ईकाइयां लगाने की स्वीकृति भी जारी की जा चुकी थी।
राजस्थान ग्रामीण पेयजल और फ्लोराइड निराकरण परियोजना के द्वितीय चरण के नागौर जिले के जायल कस्बे में अब तक की प्रदेश की सबसे अधिक लागत की इस परियोजना का 20 जून, 2013 को शिलान्यास किया गया। इसकी अनुमानित लागत 2938 करोड़ है। इससे नागौर जिले के 6 शहरों के 890 गांवों के 23 लाख लोगों को इंदिरा गांधी नहर के माध्यम से हिमालय का पानी उपलब्ध होगा। इसी प्रकार सुजानगढ़-रतनगढ़ पेयजल परियोजना का शिलान्यास 23 सितम्बर, 2012 को किया गया था। जिस पर 971.21 करोड़ रुपये की संशोधित स्वीकृति भी जारी कर दी गई। परियोजना से 13 लाख लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा।

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