Saturday, November 16, 2013

नई नीतियों से बदला विकास का परिदृश्य

जयपुर, 16 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने एक सिद्धहस्त कुशल शिल्पी की भांति प्रदेश के सर्वांगींण विकास को मूर्त रूप दिया। उन्होंने आम आदमी के हित चिन्तन के साथ ऐसी लोककल्याणकारी नीतियां बनाई जिन्‍होंने राजस्थान के विकास के परिदृश्य को ही बदलकर रख दिया। इन नीतियों का परिणाम है कि आज राजस्थान विकास के पथ पर तेजी से कदम बढ़ाते हुए देश के अग्रणी विकसित राज्यों की कतार में आ खड़ा हुआ है।
प्रगतिशील एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ प्रभावी रूप से लागू की गई राज्य सरकार की इन नीतियों की देश भर में प्रशंसा हुई तथा देश की कई राज्य सरकारों ने अपने प्रदेश में इन नीतियों एवं कार्यक्रमों को क्रियान्वित करने की दिशा में पहल की। मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना, मुख्यमंत्री पशुधन निशुल्क दवा योजना, सामाजिक सुरक्षा की सम्मान पेंशन योजनाओं तथा अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी इसके उदाहरण हैं।
राजस्थान लोकसेवाओं के प्रदान करने की गारंटी अधिनियम-2011, भ्रष्टाचार के विरुद्ध राजस्थान विशेष न्यायालय अधिनियम, राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम-2012, सुनवाई का अधिकार जैसे राज्य सरकार के विभिन्न नवाचारों एवं सशक्त कदमों से न केवल विभिन्न विभागों के कार्यकलापों में तेजी के साथ पारदर्शिता भी आई। इन नीतियों से सेवाओं की प्रदाय प्रणाली में सुधार के साथ ही आम आदमी को  त्वरित रूप से लोकसेवाओं का लाभ पहुंचाना भी संभव हुआ है।
विभागीय क्रियाकलापों में संवेदनशीलता के साथ जवाबदेही लाने तथा आम आदमी को लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए योजनाओं के निर्माण तथा उनका नीति आधारित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नीतियां जारी की हैं। राज्य सरकार की कृषि प्रसंस्करण एवं कृषि व्यवसाय प्रोत्साहन नीति, पशुधन विकास नीति, बायोमॉस आधारित परियोजनाएं स्थापित करने के लिए नई नीति, पर्यावरण नीति, वन नीति, इको-टूरिज्म नीति, जल-नीति, सौर ऊर्जा नीति, उद्योग एवं निवेश संवर्द्धन नीति, कच्ची बस्ती विकास नीति, राज्य कर्मचारियों के लिए आवास नीति, विशेष योग्यजनों के लिए नीति, कृषि नीति, बालिका नीति आदि नीतियों एवं कार्यक्रमों का समाज के सभी वर्गों के लोगों को आशातीत लाभ पहुंचा है।

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