जयपुर,
12 नवम्बर। प्रदेश में निःशुल्क दवा,
निःशुल्क
जांच योजना लाखों करोड़ों मरीजों के लिए संजीवनी से कम नहीं। बीमारी के दौरान ईलाज
में पानी की तरह बहता पैसा कब मरीज को कर्ज के पहाड़ तले दबा देता था,
उसका
पता ही नहीं चलता था। ऎसे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक अभूतपूर्व निर्णय लेकर
पहले आम से खास आदमी को बीमार होने पर निःशुल्क दवा और बाद में निःशुल्क जांच का
जो सम्बल दिया उससे आज करोड़ों लोग उन्हें दुआएं दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री
निःशुल्क दवा योजना के अन्तर्गत मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अस्पताल में 500-550,
जिला
अस्पताल में 325-400, सीएचसी में 150-250,
पीएचसी
में 100-150 प्रकार की दवाईयां एवं सर्जीकल्स तथा उप
केन्द्र में 20-30 दवाईयां निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही
है। अब तक इस योजना से 12.72 करोड़
से अधिक पंजीकृत रोगी लाभान्वित हो चुके हैं। बालिकाओं,
वृद्धजनों,
विशेष
योग्यजनों एवं गरीबों को इस योजना का सर्वाधिक फायदा मिला है। गत लगभग दो वर्षों
में 311.13 करोड़ रुपये लागत की दवाईयां वितरित की
गई। इस योजना के क्रियान्वयन से गरीब लोगों की कम से कम दो हजार करोड़ रुपये की
शुद्ध बचत हुई है।
निःशुल्क
दवा के बाद मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में चिकित्सा
महाविद्यालयों से सम्बद्ध चिकित्सालयों, जिला
चिकित्सालयों एवं सैटेलाइट चिकित्सालयों में ईसीजी, एक्स-रे,
सोनोग्राफी
एवं अन्य आवश्यक सामान्य जांचें निःशुल्क उपलब्ध है। तृतीय चरण में भी प्रदेश के
सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं सिटी डिस्पेंसरियों में 15
अगस्त,
2013 से आवश्यक जांचें निःशुल्क उपलब्ध है।
सभी
राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं सम्बद्ध चिकित्सालयों में 57 प्रकार
की व जिला चिकित्सालयों, उप-जिला
चिकित्सालयों एवं सैटेलाइट चिकित्सालयों में 44 प्रकार
की जांचे निःशुल्क उपलब्ध है। डायलसिस एवं लिपिड प्रोफाइल सहित 20
अन्य
जांचें भी 2 अक्टूबर, 2013 से
निःशुल्क उपलब्ध हो रही है। योजना में अब तक एक करोड़ से ज्यादा निःशुल्क जांचें की
गई हैं।
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