जयपुर, 7 नवम्बर।
विद्यार्थी आने वाले कल का भविष्य हैं, इसी
सोच के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नई पीढ़ी को प्रतिस्पर्धा के इस युग में
दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने के सपने को मूर्त रूप देने के लिए अनेक योजनाओं के माध्यम
से इन्हें प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने का हौसला दिया।
राजस्थान
के छात्र-छात्राएं सूचना क्रांति से लाभान्वित होते हुए आज अपने स्वर्णीम भविष्य
के सपने बुन रहे हैं। राजीव गांधी विद्यार्थी डिजीटल योजना के माध्यम से राज्य के 1.1 लाख
विद्यार्थियों को 14 इंच का लैपटॉप उपलब्ध करवाया गया, वहीं
3.5
लाख विद्यार्थियों को पी.सी. टेबलेट हेतु चैक
प्रदान किये गये। इसके साथ ही नवीं कक्षा में प्रवेश लेने वाली लगभग 5 लाख
छात्राओं को साइकिल वितरण के लिए चैक प्रदान किये गये। चाइल्ड ट्रेकिंग सर्वे कर 60.25 लाख
बच्चों को स्कूलों से जोड़ा गया ताकि कोई भी बालक-बालिका शिक्षा से वंचित नहीं रहे।
होनहार
विद्यार्थियों को शिक्षा का बेहतर माहौल देने के उद्देश्य से 25 लाख
13
हजार 503 उत्तर
मैट्रिक छात्रवृत्तियां वितरित कर प्रोत्साहन दिया गया। राज्य में उच्च शिक्षा के
क्षेत्र में बेहतर एवं गुणवत्ततापूर्ण शिक्षा सुलभ करवाने के उद्देश्य से
आई.आई.एम.,आई.आई.टी., एम्स, निफ्ट
के साथ ही केन्द्रीय एवं पशुधन विश्वविद्यालय की स्थापना से राजस्थान ने उच्च
शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धी अर्जित की है। आज हमारे छात्र-छात्राएं जो
पूर्व में दक्षिणी राज्यों के साथ ही अन्य राज्यों में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के
लिए घर से मीलों दूर जाते थे वे आज अपने ही राज्य में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे
हैं।
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