Wednesday, November 6, 2013

महत्वपूर्ण निर्णयों से संवरा आर्थिक दृष्टि से पिछड़े वर्ग का भविष्य

जयपुर, 6 नवम्बर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर राज्य में हर वर्ग को केन्द्र बिन्दु बनाकर उनके सर्वांगीण विकास की परिकल्पनाओं को मूर्त रूप देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये तथा योजनाओं के माध्यम से हर वर्ग को राहत दी गई। राज्य में आर्थिक दृष्टि से पिछड़े वर्ग के लिए भी अनेक निर्णय लिये गये। इससे यह वर्ग सक्षम होकर विकास की मुख्य धारा से जुड़ सके।
आर्थिक दृष्टि से पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए 200 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज दिया गया। इस वर्ग के कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों को पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति का लाभ दिया जा रहा है। इसी प्रकार 2.50 लाख तक की वार्षिक आय वाले या बीपीएल परिवार के कक्षा 1 से 10 तक छात्र-छात्राओं को विशेष शैक्षणिक सहायता सुलभ कराई जा रही है ताकि ये विद्यार्थी अपने सुनहरे भविष्य को शिक्षा के माध्यम से गढ़ सके। कॉलेज शिक्षा के लिए भी उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई।
प्रतिस्पर्धा के इस दौर में आर्थिक दृष्टि से पिछड़े वर्ग के विद्यार्थी भी अखिल भारतीय एवं राज्य स्तर पर प्रशासनिक सेवाओं में शामिल होकर चयनित हो सके। इसके लिए आईएएस एवं आरएएस की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों (परिवार की आय 2 लाख रुपये वार्षिक तक) को अनुप्रति योजनाके माध्यम से प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
उच्च माध्यमिक परीक्षा में 60 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों (परिवार की आय 2 लाख रुपये वार्षिक तक) को चयनित संस्थाओं द्वारा निःशुल्क कोचिंग सुविधा से विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिले हैं। सीनियर सैकण्डरी में 80 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रथम वर्ष के पात्र छात्र-छात्राओं को स्कूटी वितरण से इस वर्ग के विद्यार्थियों को घर से स्कूल तक पहुंचने में आसानी हुई है। इसी प्रकार द्वितीय/तृतीय वर्ष के पात्र छात्र-छात्राओं को गत परीक्षा में 75 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने पर 10 हजार रुपये व स्नातकोत्त्तर प्रथम/द्वितीय वर्ष के पात्र छात्र-छात्राओं को गत परीक्षा में क्रमशः 75 प्रतिशत व 65 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर 20 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि (वार्षिक आय 2 लाख रुपये तक) दी जा रही है। जिससे विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ सके। इसी प्रकार कॉलेज स्तरीय पात्र छात्र-छात्राओं हेतु छात्रावास सुविधा, उदयपुर व बाड़मेर में आवासीय विद्यालयों की स्थापना तथा पात्र परिवारों को स्वरोजगार हेतु अनुदान योजना से आर्थिक दृष्टि से पिछड़े वर्ग के युवाओं को अपने पैरों पर खड़े होकर आत्म निर्भर बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

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