जयपुर,
20 अक्टूबर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार ने
अपनी विभिन्न कल्याणकारी नीतियों तथा कुशल वित्तीय प्रबंधन से समाज के सभी वर्गों
खासतौर पर गरीब और मध्यमवर्गीय तबके के आवश्यक खर्चों का भार वहन कर उन्हें राहत
पहुंचाई है।
आज
प्रदेश में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा एवं निशुल्क जांच योजना से प्रत्येक परिवार को
महंगे उपचार के खर्च से मुक्ति मिली है। मुख्यमंत्री ग्रामीण एवं शहरी बीपीएल आवास
योजना ने उस गरीब को पक्की छत दी है जिसके लिए महंगाई के कारण अपना पक्का आशियाना
बनाना सपने जैसा था। मुख्यमंत्री अन्न सुरक्षा योजना के कारण गरीब को 2 रूपये
किलो में अनाज मिल रहा है। इससे भी बढ़कर प्रदेश की लगभग दो-तिहाई आबादी को अब
राज्य सरकार खाद्य सुरक्षा का अधिकार देने जा रही है। मुफ्त शिक्षा और छात्रवृत्ति
योजनाओं ने शिक्षा व्यय भार को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पशुपालक
अपने दुधारू पशुओं एवं मवेशियों का निशुल्क उपचार करा सकें,
इसके
लिए भी राज्य सरकार ने योजना लागू कर रखी है। राज्य सरकार की इन जनहितैषी योजनाओं
ने आम आदमी की जेब को भरपूर राहत पहुंचाई है।
राज्य
सरकार द्वारा राजस्थान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से किफायती मूल्य
पर राज प्रोडक्ट के जरिए 5 रुपये
किलो में फोर्टिफाइड आटा एवं आयोडीन युक्त वाश नमक तथा 6 रुपये
किलो में फ्री फ्लो नमक वितरित किया जा रहा है। इसी प्रकार 8 रुपये
में साबुन, 160 रुपये
प्रति किलो की दर से चाय तथा बाजार से सस्ती दरों पर मूंग दाल एवं मसाले उपलब्ध
कराकर महंगाई के असर को कम किया गया है। निगम के ये उत्पाद आमजन में इतने लोकप्रिय
हुए हैं कि अब तक फोर्टिफाइड आटे के 15.1 करोड़
पैकेट (10 किलो
प्रति पैकेट), लगभग 20 हजार
टन नमक, करीब 16.6 लाख
किलो साबुन, 74.8 लाख
किलो चाय, 9.6 लाख
किलो मसाले तथा 1.2 लाख
किलो मंूगदाल का वितरण बाजार से सस्ती दरों पर किया गया है।
तेल
कंपनियों द्वारा घरेलू रसोई गैस में प्रति सिलेंडर की गई 50 रूपये
की वृद्धि पर राज्य सरकार ने प्रति सिलेंडर 25 रूपये
का अनुदान दिया तथा जनता को 125 करोड़
रुपये की राहत प्रदान की। राज्य सरकार ने किसानों के लिए 5 वर्ष
तक बिजली की दरों में बढोतरी नहीं करने का फैसला किया। इसके लिए समस्त बढोतरी 4396 करोड़
का भार स्वयं वहन किया तथा इस वर्ष के लिए 5712 करोड़
का अनुदान दिया। उद्योगों, किसानों
एवं घरेलू उपभोक्ताओं को 13 हजार 234 करोड़
की बिजली खरीद कर उन्हें विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। पैट्रोल पर वैट 28 से
घटाकर 26
प्रतिशत किया गया तथा डीजल की बढी हुई दर की वैट वसूली नहीं की। इससे जनता को 375 करोड़
रुपये की राहत पहुंचाई गई।
राज्य
सरकार ने गेहूं, चावल,
दाल,
धान,
गेहूं
का आटा, गेहूं
का फोर्टिफाइड आटा, चोकर,
मैदा,
सूजी,
साबुत
जीरा, सौंफ,
हल्दी,
सूखी
मिर्च, धनिया,
मैथी,
अजवायन
एवं सभी प्रकार के केरोसीन को वैट से मुक्त कर प्रतिवर्ष 300 करोड़
रुपये से ज्यादा की राहत प्रदान की। पहली बार राज्य के किसानों को गेहूं के समर्थन
मूल्य पर खरीद के साथ 150 रुपये
प्रति क्ंिवटल का बोनस दिया गया। महिलाओं के लिए रोडवेज की सभी श्रेणी की बसों के
किराए में 30
प्रतिशत की ऐतिहासिक छूट दी गई। आज लाखों महिलाएं इस छूट का लाभ उठा रही हैं।
महंगाई
के प्रभाव को कम करने की राज्य सरकार की नीति का सीधा असर आम आदमी पर पड़ा है।
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के कुशल वित्तीय प्रबंधन से आज सभी के चेहरे मुस्कान
से खिले हैं।
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