जयपुर,
30 अक्टूबर। राज्य में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ ही खेल
प्रतिभाओं को तराशने के लिए मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने अनेक महत्वपूर्ण कदम
उठाए। श्री गहलोत के भागीरथ प्रयासों का परिणाम है कि आज खेल जगत में राजस्थान का
मान-सम्मान बढ़ा है। राजस्थान के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपने
श्रेष्ठ प्रदर्शन से प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स,
एशियन
गेम्स एवं ओलम्पिक खेलों में भी हमारी खेल प्रतिभाओं ने अपने नायाब प्रदर्शन से
समूचे देश को गौरवान्वित किया है।
मुख्यमंत्री
ने राज्य में खेलों के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने तथा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित
करने के लिए कई अभूतपूर्व निर्णय किए। राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक
जीतने वाले खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि में दस गुना वृद्धि की गई। पहली बार राज्य
की खेल नीति-2013 लागू की गई। महिला खिलाड़ियों को पटियाला स्थित
राष्ट्रीय खेल संस्था से डिप्लोमा करने के लिए 40 हजार
रुपये के स्टाइपेंड का प्रावधान किया गया। विशेष योग्यजन खिलाड़ियों को भी सामान्य
खिलाड़ियों की तरह प्रोत्साहन दिया गया। इसी प्रकार जनजाति के खिलाड़ियों को
परम्परागत तीरंदाजी खेल में विशेष प्रशिक्षण देने के लिए उदयपुर के महाराणा प्रताप
खेल गांव में तीरंदाजी खेल अकादमी की स्थापना की गई।
प्रदेश
की खेल प्रतिभाओं को उपयुक्त मार्गदर्शन मिले इसके लिए झुंझुंनू में शारीरिक
शिक्षा एवं खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की व्यवस्था की गई। जोधपुर में 6.71
करोड़
रूपये की लागत से मल्टीपरपज इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
स्थानीय खेल प्रतिभाओं को खेल कौशल के विकास के उद्देश्य से जयपुर,
जोधपुर
तथा अलवर में केन्द्रीय सरकार के वित्तीय सहयोग से भारतीय खेल प्राधिकरण के
प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने का राज्य बजट में प्रावधान किया गया। इन केन्द्रों
की स्थापना में लगभग 55 करोड़
रूपये की लागत आएगी।
राज्य
सरकार ने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर राजस्थान का गौरव बढ़ाने
वाले प्रतिभावान खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि को भी
बढ़ाने का निर्णय किया। खिलाड़ियों को देय पुरस्कार राशियों में दस गुना तक बढ़ोतरी
की गई। अंतर्राष्ट्रीय स्पद्र्धाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर 50
हजार
के स्थान पर 5 लाख रुपये, द्वितीय
स्थान प्राप्त करने पर 30 हजार
के स्थान पर 3 लाख रुपये एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने पर 20
हजार
रुपये के स्थान पर 2 लाख
रूपये पुरस्कार राशि दिए जाने का प्रावधान किया गया।
राज्य
सरकार के निर्णयों से आज प्रदेश में खेल का वातावरण बना है तथा राजस्थान की खेल
प्रतिभाओं ने विभिन्न खेलों में अपनी सफलताओं के झंडे गाड़े हैं।
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