Friday, October 25, 2013

सड़क से खुली गांवों में विकास की राहें

जयपुर, 25 अक्टूबर। राज्य में सुदूर गांवों की रेतीली पगडंडियों पर सड़कों का निर्माण और गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने की दिशा में विगत 5 सालों में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गांवों और शहरों के संतुलित एवं सुनियोजित विकास के प्रबल पक्षधर हैं। उनकी इसी सोच के चलते प्रदेश के गांवों का सर्वांगीण विकास हो इसके लिए मास्टर प्लान बनाये गये हैं।
ग्रामीण सड़क योजना का उद्देश्य दूरदराज के गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़कर उनके विकास और प्रगति के नये पथ खोलना है। राज्य में पहली बार 250 से 499 तक की आबादी के लगभग 3,400 गांवों को पक्की डामर सड़क से जोड़ने के लिए नाबार्ड से ऋण आधारित व्यवस्था के साथ 3,302 किमी. सड़क निर्माण कर प्रथम चरण में 1500 गांवों को लाभान्वित किया जा रहा है। प्रथम चरण में 2,442 किमी. की नई ग्रामीण सड़क का निर्माण कर 663 गांवों को जोड़ दिया गया है व 1,337 गांवों के लिए कार्य प्रगति पर है। 100 से 249 तक की आबादी वाले गांवों को जोड़ने के क्रम में प्रथम चरण में आगामी वर्ष 500 गांवों को 585 करोड़ रुपये की लागत से पक्की सड़कों से जोड़ने का कार्य चल रहा है।
ग्रामीण सड़क का कार्य आम ग्रामीणों को सुगम मार्ग देने के साथ ही बेहतर परिवहन व्यवस्था का मार्ग प्रशस्त करना है। इससे जहां गांव का सम्पर्क मुख्य मार्गों से होगा जिससे ग्रामीण जन को शहर तक अपने कार्य से आने के लिए कच्चे मार्गों तथा उबड़-खाबड़ रास्तों से मुक्ति मिलेगी और गांवों के समुचित विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

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