Monday, May 27, 2013

पूर्व मुख्यमंत्री बुजुर्गों का दर्द समझती नहीं, पेंशन को रेवड़ियां कहती हैं - गहलोत

v     इनका दुस्साहस देखें जनता के ईमान तक पर सवाल उठा रही हैं
v     उनकी निंदा करता हूं, ऎसी बातें करने वालों को जनता करारा जवाब देगी
v     यह बुजुर्गों की सम्मान पेंशन है, वोट के लिए योजनाएं लागू नहीं कर रहे हैं
v     कामों की तुलना करके देख लें, किस सरकार ने जनता के काम किए

सेवदी/सालासर/रतनगढ़, 27 मई। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने सरकार की ओर से बुजुर्गों को दिए जाने वाली सम्मान पेंशन को पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा बुजुर्गों को रेवडियां बांटने के दिए गए बयानों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वे बुजुर्गों का दर्द समझती नहीं है। वे बुजुर्गों का सम्मान जानती नहीं है। उन्हें नहीं पता कि ये उनके  सम्मान के लिए पेंशन है। वे इसे रेवडियां कह रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कांगेस संदेश यात्रा के आठवें चरण के दूसरे दिन धोद विधानसभा के सेवद और रतनगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सालासर में आयोजित जनसभाओं में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान में सरकार ने विशेष पेंशन योजना चलाई तो भाजपा सरकार की पूर्व मुख्यमंत्री कह रही हैं कि सरकार रेवडियां बाट रही हैं। जनता को कह रहीं हैं कि रेवडिया ले लेना, लेकिन ईमान मत बेचना। इन्हें यह कहते हुए शर्म नहीं आ रही है। जनता के ईमान की बातें कर रही है। उनका दुस्साहस तो देखिए वे उनके ईमान तक पर सवाल उठा रही है। मैं जनता को बताना चाहता हूं कि हम चुनाव में वोट लेने के लिए सामाजिक सुरक्षा की योजनाएं लागू नहीं कर रहे हैं। ये सारी घोषणाएं तो सरकार के बजट की या फिर पहले की है। इनका क्रियान्वयन हो रहा है। बाद में कोई घोषणा करते तो कहती कि चुनाव में घोषणाएं कर रहे हैं। जुमले बोलना आसान है। किस योजना के पीछे क्या भावना है, यह समझना चाहिए। जनता बताएं कि क्या ये रेवडियां है। इससे बुजुर्गों में विश्वास पैदा हुआ है। बुजुर्गों का मर्म समझने वाली बात है। ये उनके सम्मान में पेंशन है। रेवडियां नहीं है। ये पेंशन चुनाव तक नहीं दी जा रही है, यह बुजुर्गों को जिंदगी भर दी जाने वाली पेंशन है। लेकिन वो क्या बुजुर्गों के दर्द को समझेंगी। मुझे उनके इन शब्दों पर एतराज है, मैं उनकी निंदा करता हूं। ऎसी बातें करने वालों को जनता करारा जवाब देगी। चुनाव आए तो जनता इन्हें सबक सिखाएं। हमारी सरकार की सामाजिक सुरक्षा की योजनाएं इन्हें खराब लग रही है। सरकार तो हर वर्ग की होती है। सबके लिए काम कर रही है। हमने हर क्षेत्र में विकास किए। लेकिन उन्हें दिखाई नहीं दे रहे हैं। असत्य बोले जा रहे हैं। मैं इन्हें चुनौती देता हूं कि वे अपनी सरकार और हमारी वर्तमान सरकार के कामों की तुलना कर ले। चाहे जिस क्षेत्र में कर लें। बिजली, कृषि, उद्योग, निवेश, किसानों के काम, सामाजिक सुरक्षा किसी भी क्षेत्र में वे हमारी सरकार से तुलना कर लें। पता चल जाएगा कि किस सरकार ने काम किए हैं। खुद ने क्या किया ये बताएं,तो लोकतंत्र में समझ में आता है, इन्हें मालूम नहीं है कि लोकतंत्र में अहम और घमंड का कोई स्थान नहीं होता है। ये बताओं कि आपकी पार्टी की क्या नीतियां है, आपके क्या कार्यक्रम है। लेकिन ये केवल सपने दिखाते हैं, बिना सोचे समझे बोलना उनकी आदत में शुमार हो गया है। झूठ के दम पर राजनीति करते हैं। कांग्रेस 128 साल पुरानी पार्टी  है। देश के लिए जो कुछ अब तक किया है, कांग्रेस ने ही किया है। भाजपा  को भी 65 साल हो गए हैं। लेकिन इन्होंने क्या किया। ये आज तक कांग्रेस का विकल्प नहीं बन पाए। देश के लिए शहादत भी कांग्रेस ने ही दी है। आजादी से पहले और बाद में इतिहास उठाकर देख लें। आंतकवाद और नक्सलवाद का मुकाबला भी कांग्रेस ही करती आई है। छत्तीसगढ़ की घटना में कांग्रेस के नेताओं की जान चली गई, लेकिन कांग्रेस की नीति रही है कि जान चली जाए उसकी परवाह नहीं है, लेकिन देश एकजुट रहना चाहिए, अखंड रहना चाहिए। जनता को पता है कि देश हित और जनता के हित को सोचने वाली कोई पार्टी  है तो वह केवल कांग्रेस ही है।

जनता के लिए नहीं नेताओं के जेल जाने पर आंदोलन :  चन्द्रभान
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.चन्द्रभान ने कहा कि भाजपा  को जनता से कोई मतलब नहीं है। वे कभी जनता के लिए आंदोलन नहीं करते हैं। इनके दो नेता राजेन्द्र राठौड और गुलाब चंद कटारिया एनकाउन्टर में फंसे तो इन्होंने आंदोलन कर दिया। राठौड जेल गए तो उनका जुलूस निकाला और कटारिया एनकाउन्टर में फंसे तो राजस्थान बंद करा रहे हैं। मैं पूछना चाहता हूं कि इनके नेताओं ने कभी जनता की भी सोची है क्या ? भाजपा का नाम तो अब फर्जी एनकाउन्टर पार्टी हो गया है। कटारिया से हमारे नेताओं की कभी कोई लड़ाई रही नहीं, कटारिया से तो उनके नेता की ही लड़ाई थी, जो जगजाहिर है। सीबीआई जब हमारे नेताओं को पकड़ती है तो इनके बयान कुछ और होते हैं और जब उनके नेताओं को पकड़ती है तो यह कहते हैं कि सीबीआई का दुरूपयोग हो रहा है। सभाओं में सांसद नरेन्द्र बुढ़ानिया, स्थानीय विधायक, कांग्रेस नेता सभी मौजूद थे।

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