Sunday, May 26, 2013

पूर्व मुख्यमंत्री जितना झूठ बोलेंगी, हम उन्हें उतना ही एक्सपोज करगे - गहलोत

v    झूठे आरोपों का दिया करार जवाब, कहा- वे गप्पे लगा रहे हैं, कहने को कुछ नहीं
v    सोच रहे हैं झूठ नहीं बोलेंगे तो कौन पूछेगा, लेकिन हम हर बार उनकी पोल खोलेंगे
v    भाजपा के वक्त 5 हजार और हमारी सरकार में 11 हजार से अधिक उद्योग लगे, कुल 93 फीसदी बढोतरी
v    उनकी सरकार में 19987 करोंड और हमारी सरकार में 97910 करोड निवेश, कुल 389 फीसदी ज्यादा
v    कह रहे हैं कि भाजपा सरकार में दस लाख नौकरियां दे दी, कहां दी, राजस्थान में तो कुल कर्मचारी ही 6 लाख 50 हजार हैं

चौंमू, रींगस, 26 मई। श्री मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कांग्रेस संदेश यात्रा के आठवें चरण की चौंमू से शुरूआत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपाईयों के झूठे आरोपों का करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वे केवल गप्पे लगा रहे हैं, उनके पास कहने को कुछ नहीं हैं। सोच रहे हैं कि जनता में जाकर झूठ नहीं बोलेंगे तो हमें कौन पूछेगा। लेकिन हम हर बार उनके झूठ की पोल खोलेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री जितने झूठ बोलेंगी, हम उन्हें उतने ही जनता में एक्सपोज करेंगे।
श्री गहलोत ने चौंमू और रींगस में जनसभा में आई भारी भीड को संबोधित करते हुए कहा कि वे कितनी झूठ बोल रही हैं इसकी केवल बानगी में जनता को बताना चाहूंगा। पूर्व मुख्यमंत्री कह रही हैं कि राजस्थान में निवेश नहीं आ रहा है, उद्योग धंधे नहीं लग रहे हैं। लेकिन आंकडों को उठाकर वे कभी देखते नहीं हैं। उन्हें कुछ पता ही नहीं है। राजस्थान में जब भाजपा की सरकार थी तो उस वक्त प्रदेश में पांच साल में 5 हजार 494 उद्योग आए, जबकि हमारी सरकार के अभी साढे चार साल ही हुए हैं इस दौरान कुल 11 हजार 193 उद्योग इकाईयां राजस्थान में स्थापित हो चुकी हैं। कुल 93 फीसदी की बढोतरी हुई है। वे कह रही हैं कि प्रदेश में निवेश नहीं आ रहा है। उनकी सरकार के वक्त राजस्थान में कुल 19 हजार 982 करोड का निवेश आया था और हमारी सरकार में अब तक ही 97 हजार 910 करोड रुपए का निवेश आ चुका है जो 389 फीसदी ज्यादा है। सडक, बिजली की बातें कर रही हैं, कह रही है राजस्थान में हालात खराब है, लेकिन राजस्थान में सडके शानदार है, जनता के सामने हैं। बिजली का उत्पादन रिकार्ड हुआ है। झूठ बोलने की भी हद होती है, कह रही हैं कि उनकी सरकार में दस लाख सरकारी नौकरियां उन्होंने दे दी। राजस्थान में आजादी के बाद इतने कर्मचारी कभी राजस्थान में रहे ही नहीं। राजस्थान में कुल कर्मचारी ही 6 लाख 50 हजार हैं, फिर इन्होंने दस लाख नौकरियां कहां दे दी। केवल झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने में लगे हैं। हम तो कह रहे हैं कि हमने चार साल में 1 लाख 50 हजार नौकरियां दी और 1 लाख 65 हजार नौकरियों में भर्ती की प्रक्रिया जारी है जो शीघ्र ही मिल जाएगी। साढे चार साल तो पूर्व मुख्यमंत्री राजस्थान से गायब रहीं, उन्हें कुछ पता नहीं हैं। कहने को उनके पास कुछ भी नहीं है, जनता के लिए क्या किया बताने को कुछ नहीं हैं। झूठ का एक ही रिकोडर रोज चला रहे हैं। केवल गप्पे ही लगा रहे हैं। पूरी खोल चुकी है, सोच रहे हैं कि झूठ नहीं बोलेंगे, बदनाम नहीं करेंगे तो हमें कौन पूछेगा। बस एक ही सोच हैं कि कैसे लोगों को भडकाएं। केवल झूठ की राजनीति कर रहे हैं। लेकिन जनता को संभल कर रहना है। ये झूठ बोलकर गुमराह करेंगे, लेकिन हम इनकी पोल खोलते रहेंगे। ये जितनी बार झूठ बोलेंगे, हम उन्हें उतना ही एक्सपोज करगे। पहले जब हमारी सरकार थी तो ये परिवर्तन यात्रा में निकालकर माहौल बिगाडते रहे। हम अकाल, सूखें में जनता की सेवा में लगे रहे और यह लोगों को गुमराह करने में लगे रहे।  हमारे खिलाफ जनता को झूठा भडका दिया। कर्मचारियों को भडका दिया। और तो और जनता से झूठे वायदे भी कर लिए। गुर्जरों को आरक्षण देने के लिए कह दिया। जिसका परिणाम राजस्थान ने ९ोगा। हमने गुर्जरों से वायदा नहीं किया कि आरक्षण देंगे, कहा कि सरकार आरक्षण के लिए जो कुछ हो सकेगा करेगी। किसानों को गुंडा कहा, असमाजिक तत्व कहा। गोलियों से ९ाूनना दिया। कल्पना करो उनका राज कोई राज था। लूटेरे ऐसे आए कि राजस्थान को लूट कर ले गए, जो इतिहास बन गया। इनके नेताओं ने ही इनके भ्रष्टाचार के कारनामे बताएं। गरीब, अल्पसंख्यक, दलित, किसान, आम अवाम के लिए इनकी कभी कोई प्रतिबद्धता रही ही नहीं। इनकी यात्रा का नाम तो सुराज नहीं कुराज यात्रा होना चाहिए।
हमने हमारी सरकार में जनता को बेमिसाल योजनाएं दी। जिनकी तारीफ और चर्चाएं पूरी दुनिया में हो रही हैं। मै दावे से कह सकता हूं कि तब हमारी सरकार नहीं बदलती तो यह सारी योजनाएं जनता को तभी मिल जाती।

जुमलों की धज्जियां उड गई, वे लंदन गई तो हुई बारिश :  
ये केवल जुमले कसती रहीं। मैं अमेरिका दौरे पर गया तो पूर्व मुख्यमंत्री बोलती रहीं कि मैं प्रदेश से बाहर हूं इसलिए बारिश हो रही है। फिर मैं आ गया तो कहां बारिश चली गई, लेकिन जब वो लंदन जाकर रहने लग गई तो उनके जुमलों की धज्जियां उड गई। जमकर बारिश हुई। पानी की कोई कमी नहीं रही। मुहावरों का उन्हें अर्थ पता नहीं है। कह रही हैं चूल्लू भर पानी में डूब कर मर जाना चाहिए, लेकिन उन्हें पता नहीं मैं कन्या भ्रूण हत्या रुकवाने की बात जनता को सभाओं में कह रहा हूं और तालियां बजने से जनता की भावनाएं झलकती हैं कि वे कन्या भ्रूण हत्या के प्रति गंभीर हैं। तालियां बजवाने के मायने क्या हैं। लेकिन वे एक महिला होकर कन्या भ्रूण हत्या रोकने की मेरी बात से खुश नहीं हैं। इस बात से मेरे से ज्यादा खुशी तो वसुन्धरा को होनी चाहिए थी। उन्हें तो मुझे फोन कर मुझे बधाई देनी चाहिए थी। कहना चाहिए था कि हम कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए जो कुछ कर रहे हैं, जो योजनाएं ला रहे हैं, वह कितनी बढया हैं। वे केवल मुहावरे ठोंकती हैं, हम सही बात करते हैं तो उनके नेता उन्हें लिखकर दे देते हैं कि वो यह बोल रहे हैं तो आप ये बोल दिजिए। वो जो लिखकर दे देते हैं वे बोल देती हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री की ये कैसी धार्मिक भावना :  
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि उनकी धार्मिक भावनाएं कैसी हैं। वे मंदिरों में धूमती हैं। लेकिन शीतालष्टमी को जयपुर में सिटीपैलेस में भोजन का न्यौता देती हैं तो वहां गर्म खाना खिलाती हैं, नॉन वेज परोसती हैं। कई लोग तो वहां खाना छोडकर आ गए। ये कैसी धार्मिक भावना है। क्या यहीं है उनका विश्वास। ये उनकी कैसी धार्मिक भावना है।

पेंशन महाभियान 15 जून तक बढा :
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि बुजुर्गों, निशक्तजनों, विशेष योग्यजनों के लिए सरकार ने शुरू की पेंशन योजना के तहत अब तक 20 लाख लोगों की पेंशन स्वीकृतियां जारी की जा चुकी है। सरकार चाहती है कि कोई भी योग्य व्यक्ति और बुजुर्ग इस पेंशन से महरुम न रह जाए इसलिए अभियान की तारीख को 15 जून तक बढा दिया गया है।

छतीसगढ की घटना कायरतापूर्ण, कांग्रेसजनों को जान की परवाह नहीं, देश को एकजुट रखेंगे :
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि छतीसगढ में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नंदकिशोर पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेन्द्र कर्मा सहित कई नेताओं को नक्सलवादियों ने मार दिया। यह एक कायरतापूर्ण घटना थी, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। कांग्रेसियों की देश को अखंड रखने और एकजुट करने  के लिए शहादत का इतिहास रहा है। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और बेअंत सिंह को गोलियों से भून दिया गया, लेकिन कभी भी कांग्रेसजनों ने जान की परवाह नहीं की, चाहे हमारी जान चली जाएं, लेकिन देश को एकजुट रखेंगे। कांग्रेस की ही नीतियां है जिन्होंने इन सबके बावजूद आतंकवाद से मुकाबला किया। नक्सलवाद को भी समाप्त करने के लिए नीतियां लागू है। कांग्रेस सरकार की नीतियां रही है कि वे कभी भी हिंसक ताकतों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।

चन्द्रभान ने भी दिया वसुन्धरा को जवाब :  
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. चन्द्रभान ने भी सभाओं में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वसुन्धरा राजे के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वे मध्यप्रदेश, गुजरात और छतीसगढ की तारीफ कर रही हैं। मध्यप्रदेश की तारीफ कर रही है, लेकिन राजस्थान से सटे मध्यप्रदेश के हिस्से के लोग राजस्थान से बीज-खाद ले जा रहे हैं। हमारे यहां निशुल्क दवा योजना है, वहां के लोग राजस्थान आकर निशुल्क दवाईयां ले रहे हैं। मुफ्त में इलाज करा रहे हैं। गुजरात की तारीफ कर रहीं है, लेकिन गुजरात में अकाल पड रहा है तो राजस्थान ही है जहां से वहां लोगों को राहत के लिए गेंहू जा रहा है। छतीसगढ तो सबके सामने हैं। वहां नक्सलवाद सबके सामने हैं। कांग्रेस के नेताओं को वहां नक्सलवादियों ने गोलियों से भून दिया। वहां भाजपा की सरकार है, राजनीति से ऊपर उठकर उन्हें इसका मुकाबला करना चाहिए था। वसुन्धरा उनकी तारीफ कर रही है, पूछे उनसे कांग्रेस की यात्रा पर ही हमला क्यों हुआ। यात्रा को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई। निश्चित रुप से सरकार की बडी गलती और चूक है। राजस्थान में तो भाजपा की यात्रा निकल रही है, हम उसे पूरी सुरक्षा दे रहे हैं। छतीसगढ सरकार ये नहीं कह सकती है कि वे घटना के लिए जिम्मेदार नहीं है। वसुन्धरा राजस्थान में मुख्यमंत्री बनी, उनके बेटे को सांसद बनाया। लेकिन वे कभी भी राजस्थान की नहीं सोचती। केवल प्रदेश को बदनाम करने में लगी है। झूठ पर झूठ बोलती जा रही हैं। गरीबों के इतने काम किए, तो उन्हें तकलीफ हो रही है, केवल वोटों की खातिर योजनाओं पर सवाल उठाकर गरीब के पेट पर लात मारने में लगी हैं। जनता से अपील की कि पहले एक बार हुई गलती फिर से मत कर देना और कांग्रेस को ही वोटदेना।
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 मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत रविवार को कांग्रेस संदेश यात्रा के तहत चौमूं में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए।

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