नई
दिल्ली, 26 अक्टूबर।
जयपुर के सांसद श्री महेश जोशी ने गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी
द्वारा शनिवार को उदयपुर की जनसभा में दिये गये भाषण को दिषाहीन एवं राजस्थान जैसी
परिस्थितियों वाले प्रदेष में कॉग्रेस सरकार द्वारा दिये गये विकास मॉडल से भयग्रस्त
बताते हुए कहा कि अच्छा तो यह होता कि श्री मोदी राजस्थान सरकार की तथ्यहीन एवं
कोरी आलोचना करने की बजाय, प्रदेष
एवं देष के सामने उनकी क्या नीतियां और कार्यक्रम होगें ?
उस पर
अपने विचार प्रकट करते।
श्री
जोशी ने नई दिल्ली से जारी अपने बयान में श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भाषण में
प्रयोग में लाई गई भाषा के स्तर की भी आलोचना की और कहा कि अफसोस की बात है कि
श्री मोदी ने अपने भाषण के बीच पानी पी-पी पीकर कांग्रेस सरकार को कोसने में ही
अधिकांष समय व्यतीत कर दिया। वे अपने भाषण के माध्यम से देष-प्रदेष के सामने जन
कल्याणकारी कार्यक्रमों और विकास के ठोस मॉडल का कोई ब्लू-प्रिंट नहीं रख पायें।
श्री
जोशी ने श्री मोदी द्वारा मानवाधिकार एवं अल्पसंख्यक आयोग न्यायालयों और अन्य
संवैधानिक संस्थाओं का जिक्र करते हुए उन पर लगाये गये आरोपों का पलटवार करते हुए
कहा कि कॉग्रेस पार्टी लोकतंत्र में सच्ची श्रृद्धा और विष्वास रखने वाली पार्टी
है जिसने हमेषा संवैधानिक संस्थाओं का आदर सम्मान किया है,
जबकि
श्री मोदी इन संस्थाओं का सम्मान नहीं करते है।
उन्होंने
कहा कि राजस्थान सरकार ने पिछले पॉच वर्षो मे कानून-व्यवस्था,
शांति
एवं आपसी सद्भाव को बनाये रखने और कानून का राज स्थापित करने में पूरे देष के
सामने एक मिसाल कायम की है जबकि श्रीमती वसुन्धरा राजे के शासन काल मे न केवल
प्रदेष का सामाजिक ताना-बाना छिन्न-भिन्न हुआ था वरन् राज्य में जनता पर 21 बार
फायरिंग हुई और 90 लोग
मारे गये, जिनमे 70
गुर्जर शामिल थे।
उन्होंने
बताया कि राजस्थान सरकार ने दक्षिण राजस्थान के मेवाड़ एवं वागड़ क्षेत्र मे विकास
के कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आदिवासी क्षेत्र बांसवाड़ा को रेल लाईन से जोड़ने
के लिए डूंगरपुर-बांसवाड़ा-रतलाम रेल लाइन का काम हाथ में लिया गया है,
जिसका
आधा खर्चा 1200 करोड़
रूपये राज्य सरकार वहन कर रही है। राज्य में आदिवासियों के विकास एवं कल्याण के
लिए अनेक अभिनव कार्यक्रमों की शुरूआत की गई है जिसके फलस्वरूप इस क्षेत्र में
माही, सोम
एवं जाखम नदियों पर कई बडे़ बांध एवं पूल,
सड़के,
अंतराज्यीय
एवं राष्ट्रीय राजमार्ग बनने के साथ-साथ षिक्षा,
चिकित्सा,
पेयजल,
आधारभूत
ढ़ांचे का विकास तथा सामाजिक सुरक्षा के कार्यक्रम आदि क्रियान्वित हुए है।
श्री
जोशी ने आरोप लगाया कि आदिवासियों और राजस्थान के विकास की दुहाई देने वाली
श्रीमती वसुंधरा राजे के शासन काल में योजनाओं के केवल पत्थर लगे और एक बिजली घर
भी नही बन सका, जबकि
श्री अशोक गहलोत के वर्तमान शासन काल में पिछले साढ़े चार वर्षों में सात हजार दो
सौ बाईस मेगावाट बिजली की रिकार्ड क्षमता में बढ़ोतरी हुई है।
श्री
जोशी ने बताया कि विकास की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले श्री मोदी की गुजरात सरकार
कांग्रेस के शासन में शुरू हुई नर्मदा परियोजना नहर बनाने के काम को समय पर पूरा
नहीं करवा सके, जिससे
राजस्थान के जालौर बाड़मेर क्षेत्र को अपने हिस्से का पानी मिलने में देरी हुई।
उन्होने
कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में भारी अन्तर है जिससे लोगों को सचेत रहने की
जरूरत है। श्री जोशी ने बताया कि साढ़े चार वर्षों से प्रदेष से बाहर दिल्ली और
लंदन में समय बिताने वाली श्रीमती वसुंधरा राजे प्रदेषवासियों को नया राजस्थान
बनाने का सपना दिखाकर भ्रमित कर रहीं हैं। भ्रष्टाचार की जननी माने जाने वाले उनके
शासनकाल को राजस्थान की जनता अभी भी नहीं भूली हैं।
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