Wednesday, September 11, 2013

माननीय मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत का भाषण - सलूम्बर (उदयपुर) - 11.09.2013

राहुल गांधी जी, हमारे प्रभारी गुरूदास कामत जी, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ0 चन्द्रभान जी, डॉ0 सी पी जोशी जी, आदरणीय शीशराम ओला साहब, डॉ0 गिरिजा व्यास जी, श्रीमती चन्द्रेश कुमारी जी, हमारे राज्य मंत्री सचिन पायलट जी, लालचन्द कटारिया जी, नमोनारायण मीणा साहब, हमारे सांसद  और ए. आई. सी. सी. के सचिव ताराचन्द भगोरा जी, आपके लोकप्रिय सांसद रघुवीर मीणा जी, हमारे मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय, जिलाध्यक्ष लालचन्द झाला जी, हरीश चौधरी जी, हमारे सचिव बेग साहब, अशोक चांदना जी, यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष, मुकेश भाकर जी, अन्य तमाम हमारे उपस्थित बुजुर्गों, भाइयों और बहनों, नौजवान दोस्तों।
मुझे खुशी है आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित आदिवासी-किसान रैली में यहां पर हम सब इकट्ठे हुए। सबसे पहले मैं अपनी ओर से, आप सबकी ओर से, पूरे प्रदेशवासियों की ओर से हमारे महान नेता, जो नौजवान है, जिनका सपना है देश के लिये, देश के गरीब के लिये, गांव के लिये, मजदूर के लिये, आम आदमी के लिये, ऎसे नेता राहुल गांधी हमारे बीच में आये हैं। मैं इनका प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक स्वागत करता हूं।
जैसा आप जानते हैं यह महारैली, महारेला है, डॉ0 सी.पी.जोशी जी ने कहा था बेणेश्वर धाम में जब सोनिया गांधी जी आई थींं, तब भी आप लोग सैलाब के रूप में आये थे, आज भी जो सैलाब आपके सामने हैं, यह आदिवासी क्षेत्र, मेवाड़ क्षेत्र, राणा प्रताप की भूमि, जहां पर हमारे बड़े-बड़े महापुरूष हुए, गोविन्द गुरू हुए, माणिक्यलाल वर्मा, गौरीशंकर उपाध्याय, हरिदेव जोशी, भीखा भाई भील, कितने नाम गिनाये आपको, किस रूप में जो अंचल में जो संघर्ष किया था, किस रूप में आपने सदियों से अकाल-सूखे का मुकाबला किया। मुझे याद है राजीव गांधी प्रधान मंत्री बने थे तो बनते ही उन्होंने पहली बार शुरूआत की, आपके अंचल से, आदिवासी क्षेत्रों से, चाहे राजस्थान का डूंगरपुर-बांसवाड़ा हो, चाहे वह विदर्भ के हों, मध्यप्रदेश के हों, उड़ीसा के हों, बिहार के हो, इस क्षेत्र के लोगों को, आदिवासियों को संदेश दिया, पूरे मुल्क को संदेश दिया कि मेरी प्रायोरिटी वह व्यक्ति है, वह आदिवासी है, जो सबसे गरीब और पिछड़ा हुआ है। सोनिया जी, राजीव जी के संग आई थीं। मुझे याद है डूंगरपुर में अचानक ही वह किस प्रकार से जीप लेकर निकल गये थे और पहाड़ पर चढ़कर झोंपड़ी में गये और देखा कि आदिवासी कैसे रहता है, क्या खाता है, कैसी उसकी स्थिति है? इसी प्रकार से देश के लिये जो नीतियां बनीं, कार्यक्रम बनाये गये, वह महात्मा गांधी का जो संदेश है अन्तिम व्यक्ति का, उसको देखकर ही नीतियां बनेंगी, फैसले होंगे।
मैं समझता हूं कि इसकी शुरूआत राजीव गांधी जी ने की थी। आज मुझे खुशी है। सोनिया जी पांच साल पहले बेणेश्वर धाम में आई थीं। अभी तीन साल पहले बांसवाड़ा में आईं। वहां पर रतलाम-बांसवाड़ा-डूंगरपुर रेल लाइन का शिलान्यास हुआ। कौशल विकास का आह्वान किया वहां से। मुख्यमंत्री आवास योजना, आपको सबको मालूम है, आपके तो गांव-गांव में कहीं 50, कहीं 60 मकान बन गये हैं। पक्की छत मिलना बड़ी बात है। सोनिया गांधी जी ने डॉ0 मनमोहन सिंह जी को कन्वींस करके आजादी के बाद देश में जो अधिकार के युग की शुरूआत की चाहें सूचना का अधिकार हो, शिक्षा का अधिकार हो, मनरेगा के माध्यम से रोजगार का अधिकार हो, फूड सिक्योरिटी का अधिकार हो। राहुल गांधी जी ने भूमि अधिग्रहण का बिल पास करवा दिया और अब मैं तो कहता हूं सोनिया गांधी जी राइट टू शेल्टर इस पूरे मुल्क में हर व्यक्ति को पक्की छत मिले, यह भी आह्वान वह करेंगी, यह मैं आपको कहना चाहूंगा।
मुझे खुशी है कि राजस्थान में वह शुरूआत हो चुकी है। सोनिया गांधी जी ने उसकी शुरूआत बांसवाड़ा से की। आज करीब 3 लाख मकान बन चुके हैं, कुल 10 लाख मकान बनेंगे। आज ओला साहब का झुन्झुनूं जिला और सीकर जिला वह जिला हैं जहां 100 प्रतिशत पक्के मकान बन चुके हैं। वहां पहले से कई मकान बने हुए थे। इसलिये मैं कहना चाहूंगा अकाल-सूखे में आपको मालूम है कि किस तरह सोनिया गांधीजी ने मदद करवाई, आप उस समय सरकार में थे। घर-घर तक गेहूं पहुंच गया। टाइम पर मजदूरी मिली। कोई कमी नहीं रखी गयी थी। पानी की व्यवस्था, बिजली की व्यवस्था, सड़कों का जाल बिछा दियज्ञं
आज हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि राजस्थान जिस तेज गति से आगे बढ़ रहा है, पहले वह स्थिति नहीं थी। आज पानी की बात हो, बिजली उत्पादन में हमने साढ़े छः हजार मेगावाट अतिरिक्त उत्पादन किया है, सड़कों का जाल बिछाया है, शिक्षा के क्षेत्र में आज आई आई टी आ गयी राजस्थान में, आई आई एम आ गया उदयपुर के अंदर, ट्रिपल आई टी कोटा में आ गयी है, सेंट्रल यूनिवर्सिटी अजमेर में आ गयी। आई आई टी जोधपुर में आ चुकी थी। निफ्ट आ गयी और तो और 9 विश्वविद्यालय खुले हैं। यह भी आपको जानकर खुशी होगी।
इस रूप में सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कोई कमी नहीं रखी है। जिस प्रकार से राजस्थान के छात्र महाराष्ट्र में, पूना में, कर्नाटक में जाते थे, आज 18 हजार छात्र अब राजस्थान में आकर पढ़ने लग गये हैं। इसलिये मैं कहना चाहूंगा भविष्य बहुत उज्ज्वल है। नौजवानों को ट्रेनिंग हम लोग अलग करवा रहे हैं। लैपटॉप दे रहे हैं छात्रों को। साढे चार लाख लैपटॉप और पी सी टेबलेट छात्रों को बांटे गये हैं। छात्रों को स्कॉलरशिप अलग दे रहे हैं। पेंशन का महा-अभियान चलाकर एक नई शुरूआत की है। बुजुर्गों के लिये, विधवाओं के लिये, निशक्तजनों के लिये, जो आपके जेहन में है। सोशल सिक्योरिटी में आज राजस्थान पूरे मुल्क में सिरमौर बना है। दवाइयां फ्री होने के साथ-साथ में सारे टैस्ट फ्री कर दिये गये हैंं। पशुओं की दवाइयां फ्री कर दी गयी हैं। अभी तीन दिन पहले हमने कहा 2 अक्टूबर से डायलिसिस फ्री करने का निर्णय कर लिया है।
इसलिये मैं आपको कहना चाहूंगा कि बड़ी-बड़ी योजनाएं, पानी की हों, अभी सोनिया गांधी जी नागौर आई थीं। 3 हजार करोड़ केे प्रोजेक्ट थे। बाड़मेर में आई थीं वह, काम पूरा हो गया, वहां पानी मिलने लग गया। भीलवाड़ा में स्कीम की शुरूआत हो गयी। बिजलीघर के लिये अभी राहुल जी को हमने निवेदन किया है कि 17 तारीख को, हमारे राजस्थान में पॉवर प्लांट बने हैं, सुपर क्रिटिकल पॉवर प्लांट के शिलान्यास होने हैं, उसमें आप लोग पधारें। इस रूप में चहुमुखी विकास राजस्थान में कैसे हो, इस दिशा में तेज गति से हम लोग आगे बढ़ना चाहते हैं।
मुझे खुशी है कि जो सैलाब लाखों लोगों का यहां पर उमड़ा है। यह ठीक कहा गया कल भारतीय जनता पार्टी की रैली थी, जो तमाशा आपको मालूम है, उनके चाल, चरित्र, चेहरे सामने आ चुके हैं। जो भ्रष्टाचार को मिटाने की बातें करते थे, पूरी तरह एक्सपोज हो चुके हैं।
मुझे याद है राजीव गांधी का सपना था पॉवर ब्रोकर को खत्म करने का, सत्ता के दलालों को खत्म करने का। एजेण्डा हमारा कांग्रेस का। सोनिया गांधीजी ने आगे बढ़ाया बुराड़ी के अंदर, देश को पांच सूत्र दिये, किसी ने चर्चा नहीं की, विपक्ष ने चर्चा नहीं की। आप कल्पना करो एजेण्डा हमारा, आरोप हमारे पर लग रहे हैं। इस प्रकार का माहौल बनाकर जनता का ध्यान डाइवर्ट करना चाहते हैं, क्योंकि यूपीए की गवर्नमेंट की अपनी उपलब्धियां बहुत शानदार हैं। मैं पहले मुख्यमंत्री था, पूरे देश के अंदर हर राज्य सरकारें वित्तीय रूप से संकट में थीं। जब से यूपीए-फस्र्ट बनी, सोनिया गांधीजी, प्रधानमंत्री नहीं बनीं, मनमोहन सिंह जी को बनाया प्रधान मंत्री, और जो नीतियां लाये, उसके कारण हर राज्य सरकारों की रेवेन्यू बढ़ गयी पूरे मुल्क के अंदर। केन्द्र की बढ़ गयी। रिवोल्यूशन हुआ। आज मैंने 40,500 करोड़ रूपये का बजट पेश करने में मैं कामयाब रहा, क्योंकि हमने शानदार वित्तीय प्रबन्धन किया। तब जाकर यह संभव हुआ है।
आज हम स्कीमें ला रहे हैं तो हमारी विपक्षी पार्टी वाले कहते हैं रेवड़ियां बंट रही हैं। लड़कियों को साइकिल देना रेवड़ी है। मैं उनसे पूछना चाहूंगा कि जो बजट पेश हुआ है, वह हम लागू कर रहे हैं, और कुछ नहीं कर रहे हैं। आज बजट की सैंटिटी वही है। वरना मीडिया वाले भी, विपक्ष भी पूछ सकते थे, आपने क्या किया खाली घोषणाएं कर दीं।
अन्त में, कहना चाहूंगा सरकार की तरफ से कोई कमी नहीं है। राजस्थान का चहुंमुखी विकास हो, समग्र विकास हो। इस दिशा में हम योजनाबद्ध आगे बढ़ रहे हैं। खूब सारी योजनाएं हैं मेरे पूर्व वक्ता बोल चुके हैं, जिनके यहां भाषण हुए हैं। आप सबकी जानकारी में हैं। हम लोग आते रहते हैं। हमको राहुल गांधीजी को सुनना है और मुझे खुशी है कि हमारे आग्रह को स्वीकार करके वे यहां आये। सोनिया गांधी जी आईं थीं बेणेश्वर धाम में, यह आप लोगों का धार्मिक स्थल है। वहां से शंखनाद हुआ था, हम कामयाब हुए, हमारी सरकार बनी। पिछली बार कुछ कसर रह गयी थी, आपने नहीं रखी कसर। आपने तो हमें आशीर्वाद दिया। आपकी दुआएं, आपका सहयोग, समर्थन हमेशा रहा। कांग्रेस के संग पूरे मेवाड़ का। मैं आपको आह्वान करना चाहूंगा पूरे प्रदेश के अंदर वापस पूरे बहुमत से सरकार बने। जो योजनाएं हमने बनाई हैं, वह योजनाएं आगे बढ़ सके। चाहे वह पानी की योजनाएं हो, बिजली की हो, शिक्षा की हो, स्वास्थ्य सेवाओं की हों, सड़कों की हो, सोशल सिक्योरिटी की हो। इसलिये मैं यही बात कहता हुआ अपनी बात समाप्त करूंगा और आप सबको यहां आने पर शुक्रिया अदा करूंगा। धन्यवाद। जय हिन्द।

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