Tuesday, May 7, 2013

चुनाव आए तो चुनरी याद आ गई - गहलोत


v     सरकार में थे तो कितने लूटेरे आए, राजस्थान को लूट कर ले गए

v     जनता को राहत दे रहे हैं, उन्हें तकलीफ हो रही है

v     अपनी यात्रा की विफलताओं से बौखलाएं, पंसद क्या हैं बता दें, अमल कर देंगे

v     वसुन्धरा की तरह लटके-झटके नहीं आते, हमारे दिल में हैं वहीं जबां पर

झालरापाटन, 7 मई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वसुन्धरा राजे के विधानसभा क्षेत्र झालरापाटन में उन्हें जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि वे साढे चार साल अपने क्षेत्र और राजस्थान की सुध लेने नहीं आई और अब चुनाव आ गए तो उन्हें चुनरी याद आ गई है। चुनरी के नाम पर वोट मांग रही है, लेकिन जनता अब उन्हें अच्छी तरह जान गई है।

गहलोत को सुनने के लिए वसुन्धरा के झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र में जनता उनका ढाई घंटे तक इंतजार करती रही। लेकिन सभा स्थल से नहीं हटी। गहलोत के आने पर उनका उमडे जनसैलाब ने उनके समर्थन में जोरदार नारेबाजी से उनका स्वागत किया। गहलोत ने यहां वसुन्धरा को घेरते हुए कहा कि हाडौती में उनकी अभी कुछ ही दिन पहले यात्रा खत्म हुई है। अपनी यात्रा की विफलताओं से वे बौखला गई है। कुछ भी बोल रही है। हमने इतनी स्कीमें दी, जनता को राहत दी लेकिन उन्हें तकलीफ हो रही है। कुछ काम पंसद नहीं आ रहा है। केवल जनता को झूठ बोलकर गुमराह करने में लगी है। कह रही है कि भूख से मौतें हो गई। अगर मौतें हुई है तो वे कहां थे। उन्हें धरना देना चाहिए था। उपवास करना चाहिए था। चुटकी लेते हुए कहा कि अगर वे उपवास करते तो हम जाते, ज्यूस पिलाकर उनका उपवास तुडवातें। ढेरों जनहित की योजनाएं जनता और उनके सामने हैं। अब उन्हें पसंद नहीं आ रही है तो उनका हम कुछ नहीं कर सकते हैं। लेकिन वे बता दें उन्हें क्या पसंद है, वे बताएं हम वो बताएंगे वो ही अमल में ला देंगे। जब खुद सरकार में थे तो कुछ नहीं किया। उनकी सरकार में कितने ही लूटेरे आए और राजस्थान को लूटते रहे। सरकार गई तो राजस्थान से गायब हों गई। किसी को पता नहीं था, कहां चली गईं। लंदन रहीं, मुंबई रहीं या कहां रहीं। अब चुनाव आए तो फिर आ गई हैं। उन्हें फिर से चुनरी याद आ गई है। चुनरी की याद इन्हें चुनावों में ही आती है। हम तो काम करना जानते हैं। हर वर्ग, हर क्षेत्र, गरीब, किसान, युवाओं, बेरोजगारों सबके लिए काम किया। लेकिन इन्हें दिखता ही नहीं है। अब चुनाव में आई हैं। इनकी जैसे लटके-झटके तो हमें आते नहीं है। हमारे तो जो दिल में हैं वहीं जुबान पर हैं। हम तो सीधी बात करते हैं। जनता खुद हमारे कामों का आंकलन करें। भाजपा की सरकार में क्या हुआ था, उस का भी आंकलन कर ले। फिर वोट दें।

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