Monday, April 15, 2013

वसुन्धरा को महलों - गलीचों का लालच हैं - गहलोत



वसुन्धरा को महलों - गलीचों का लालच हैं - गहलोत
वसुन्धरा बताएं कहां है मेरी होटल, मैं उन्हें सौंप दूंगा
मुख्यमंत्री का बेटा चाहे तो नौकरी की ज़रूरत नहीं
अच्छा संदेश देने वाले मेरे जैसे भाई के दीर्घायु होने की कामना करनी चाहिए
वसुन्धरा के बयानों में झलकता है घमंड
गहलोत ने अपनी संपत्ति सार्वजनिक कर दी है, वसुन्धरा भी संपत्ति करे सार्वजनिक -डॉ.चन्द्रभान
पूरा हुआ कांग्रेस संदेश यात्रा का तीसरा चरण


बानसूरथानागाजी/  विराटनगर , 15 अप्रेल। जयपुर और अलवर जिले में कांग्रेस संदेश यात्रा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की ओर से लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर अब तक का सबसे जबर्दस्त पलटवार करते हुए चुनौती दी कि वह बताएं कि मेरी कहां होटलें हैं, छिपी हुई संपत्ति हैं अगर वे साबित कर दें तो वो होटलें उन्हें ही सौंप देंगे। गहलोत ने सुराज यात्रा पर निकली वसुन्धरा राजे द्वारा मुख्यमंत्री के पुत्र के जरिए कंपनियों को फायदे पहुंचाने के आरोप पर बानसुर की जनसभा में कहा कि मुख्यमंत्री का बेटा चाहे तो उसे नौकरी करने की ही ज़रूरत नहीं है। ना जाने कितने लोग उसके आगे लाईन लगा कर ख़डे हो सकते हैं। अपने पर लगे आरोपों पर मुख्यमंत्री ने जनसभा में कहा कि उन्हें ना तो होटलों का शौक है और ना ही महलों का। अपने दौरों में कई बार स्थानीय प्रशासन की ओर से होटल में रुकने का इंतजाम किया जाता है तो मुझे असहजता महसूस होती है और इसीलिए मैं अक्सर सर्किट हाऊस में ही रुकता हूं ताकि आम जनता से मिल सकूं। लेकिन वसुन्धरा राजे को होटल और महल ही पसन्द हैं। उन्हें महलों और गलीचों का लालच हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई एक भी आरोप की सच्चाई वे साबित कर देंगे तो वे राजनीति और मुख्यमंत्री के पद से उसी वक्त इस्तीफा दे देंगे।
कांग्रेस संदेश यात्रा के जयपुर-अलवर जिलों में तीसरे चरण के दूसरे दिन गहलोत व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ चन्द्रभान की अगुवाई में यात्रा बानसूर, थानागाजी, और विराटनगर होते हुए कांग्रेस के पक्ष में जोरदार संदेश देते हुए लोगों के दिलों में छा गई। यहां हुई विशाल जन सभाओं में गहलोत ने कहा  कि वे 32 साल पहले केन्द्र में उप मंत्री बने थे। तब भी कई आरोप लगाए गए, लेकिन कोई भी जमीन पर सच साबित नहीं हुआ। लंदन से बयान जारी करने वाली पूर्व मुख्यमंत्री अब चुनाव आए तो राजस्थान आ गई हैं। खुद ने कुछ किया नहीं, हमारी सरकार के कामों में कोई कमी नहीं रही, कोई मुददा नहीं बचा तो मुझ पर ही झूठे आरोप लगा रही हैं। कह रही हैं कि मेरी होटलें और बंगले हैं। मेरे बेटे ने होटल खडी कर दी, अगर ऎसा होता तो उसे तीस हजार रुपए प्रतिमाह की नौकरी करने की जरुरत ही नहीं पडती। मुझे तो होटल में रहने से भी घुटन होती है, कहीं जाता भी हूं तो सर्किट हाउस में ही रहना पंसद करता हूं। वहां जनता से सहज भाव से मिल सकता हूं, उनकी समस्याएं सुन सकता हूं। जब वे पांच साल सरकार में रही तो उन्होंने क्या-क्या धंधें और कारनामें नहीं किए। उनके धमंड और अहम ने राजस्थान को कंलकित कर दिया। संस्थागत भ्रष्टाचार किया। ये ही उन्हें ले डूबा। अभी भी यह बरकरार है, लेकिन लोकतंत्र में यह नहीं चलता है। बानसूर, थानागाजी, विराटनगर में उन्होंने सरकार के जन कल्‍याणकारी कामों को जनता के सामने रखते हुए आगामी चुनावों में कांग्रेस को जीताने की अपील की।

मेरे जैसे भाई के लिए दीर्घायु होने की कामना करें वसुन्धरा

मुख्यमंत्री गहलोत ने वसुन्धरा राजे पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं जहां भी सभाओं में जाता हूं जनता को कहता हूं कि कन्या भू्रण हत्या मत करो। यह महापाप है, इससे प्रदेश का लिंगानुपात बिगड़ रहा है। लड़कों की शादियों के लिए आने वाले वक्त में लड़कियां नहीं मिलेंगी। मेरे भाषणो में एक सामाजिक समस्या को लेकर संदेश है। हमारी सरकार ने बच्ची पैदा होने पर परिवार को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री शुभलक्ष्मी योजना बनाई है। बेटियां लक्ष्मी का रुप होती है और उसका घर में आना शुभ माना जाता है। मैं अपनी सभाओं में जनता से बेटियों को बचाने का आह्वान करते हुए तालियां बजवाता हूं लेकिन महिला होने के बावजूद वसुन्धरा को ऐसे संदेश पसंद नहीं आते। वे अपनी सभाओं में कह रही है कि मेरे जैसे भाई को चूल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए। जबकि अच्छे संदेश देने वाले मेरे जैसे भाई को लोग दीर्घायु,शतायु होने की दुआएं देते हैं।

मुख्यमंत्री गहलोत के इन आक्रामक तेवरों से पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ.चन्द्रभान ने वसुन्धरा राजे के खिलाफ नया मोर्चा खोलते हुए वसुन्धरा को अपनी संपत्ति सार्वजनिक करने की चुनौती दी। चन्द्रभान ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत और उनकी पत्नी के पास कितनी संपत्ति है, कितने मकान है, कितना सोना है, ये सारी जानकारी इंटरनेट पर सबके सामने हैं। मुख्यमंत्री ही नहीं प्रदेश सरकार के मंत्रियों की संपत्ति का ब्यौरा सबके सामने हैं। अब वसुन्धरा को अपनी संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करना चाहिए। राजस्‍थान का मुख्‍यमंत्री बनने से पहले कितनी सम्‍पत्ति थी और अब कितनी सम्‍पत्ति है। उनकी देश-विदेश में कितनी संपत्ति है, इसकी जानकारी प्रदेश के लोगों को होनी चाहिए। चन्द्रभान ने कहा कि राजनीति में आई थीं तो उनके पास कुछ नहीं था, अब देश नहीं विदेश में भी उनकी संपत्तियां है। महंगाई पर देश और प्रदेश की सरकार का बचाव करते हुए कहा कि महंगाई पर बहस होनी चाहिए। महंगाई के साथ लोगों की आमदनी, किसानों की फसलों का मूल्य भी बढा है। इनसे प्रदेश के विकास की बात नहीं होती लेकिन ललित मोदी से मिलती रहती है, ऎसे में राष्टहित की बात उनके मुंह से अच्छी नहीं लगती है। नया राजस्थान बनाने की थोथी बातें कर रही है, लेकिन नया राजस्थान नई नई पोशाकें बदलने से नहीं बनता है। कांग्रेस ने पिछले चुनावों में नया राजस्थान बनाने का वायदा किया था और वह कर दिखाया है। संदेश यात्रा के दौरान गहलोत दो दिन में जमवारामगढ, शाहपुरा, कोटपूतली, बानसूर, थानागाजी, विराटनगर और आमेर विधानसभा क्षेत्रों में गए। संदेश यात्रा के दौरान इन विधानसभा क्षेत्रों में गहलोत के स्वागत में जगह-जगह जनता उमडी, सभाओं में ही लोग भारी सख्यां में गहलोत को सुनने के लिए आए।
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