Saturday, June 1, 2013

वसुन्धरा के आरोपों पर बरसे गहलोत

v    केन्द्र से आए पैसों के झूठे आंकडे दे रहीं है, केन्द्र का पैसा प्रदेश पर पूरा खर्चा
v    पानी पर पूर्व भाजपा सरकार में 7 हजार और हमारी सरकार में 23 हजार करोड खर्च हुए
v    चुनाव में योजना लाने की नीयत उनकी रहीं, कोर्ट व चुनाव आयोग ने बाद में रोका
v    आरोपों में दम नहीं, सरकार बजट के कल्याणकारी कामों को लागू करने से रुकने वाली नहीं
v    सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लाने में राजस्थान देश में अव्वल

उनियारा, चौथ का बरवाडा, सवाईमाधोपुर, 1 जून। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कांग्रेस संदेश यात्रा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के आरोपों पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि उनके आरोपों में दम नहीं है। सरकार बजट के कल्याणकारी कामों को लागू करने से रुकने वाली नहीं है। केन्द्र के पैसों के खर्च नहीं करने के उनके आरोप तथ्यहीन है। केन्द्र का पूरा पैसा खर्च हुआ है। पानी पर भी हमने 23 हजार करोड रुपए खर्च किए है, उन्होंने तो केवल 7 करोड रुपए ही खर्चे थे। चुनावों में योजना लागू करने की नीयत उनकी ही रही है। उन्होंने ही चुनावों में योजना लागू की, जिसे कोर्ट और चुनाव आयोग ने रोका।
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि उनकी यात्रा जनता के मनोबल को तोडने वाली यात्रा है। लेकिन जनता इनके झांसों में न आए। प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे साढे चार साल तक राजस्थान में रहीं नहीं, उन्हें पता नहीं इस दौरान राजस्थान में कितना विकास हुआ है। राजस्थान कितना बदल गया है। वे कह रही हैं कि केन्द्र से आए पैसे भी खर्च नहीं हो रहे हैं। झूठ बोल रही हैं कि 2011-12 में केन्द्र से 338 करोड रुपए आए और हमने केवल 25 करोड रुपए खर्च किए और 2012-13 में 600 करोड केन्द्र सरकार से आए और हमने केवल 18 करोड रुपए खर्च किए। उन्हें हकीकत पता ही नहीं है। 2011-12 में केन्द्र से 1470 करोड रुपए आए थे जो खर्च हुए और 2012-13 में 1419 करोड आए थे जो खर्च किए हमने। गलत आंकडे पेश कर रहे हैं। अगर खर्च नहीं होता है तो पैसा बच जाता है। उनकी तरह नहीं है कि पैसा गायब कर दें। कितने ही आरोप लगा दो, जनता फैसला करेगी की सच्चाई किसके पक्ष में है। पानी पर पता नहीं क्या क्या बोल रही हैं। उनकी सरकार के वक्त पानी पर उन्होंने केवल 7 हजार करोड रुपए खर्च किए, जबकि हमने हमारी सरकार में अब तक 23 हजार करोड रुपए खर्च किए हैं, ताकि जनता को बेहतर पेयजल प्रबन्धन हो सके। प्रदेश में 40 हजार ऐसे गांव हैं, जहां पानी में फ्लोराइड, नाइट्रेट और खारे पानी की समस्या है, क्योकि प्रदेश में बारह मासी नदियां नहीं है। इसलिए सरकार बांध बना रहीं है, पानी सरंक्षण का काम कर रही है तो भी उन्हें तकलीफ हो रही है। केन्द्र से हम 50 हजार करोड रुपए प्रदेश में पानी के पेटे मांग रहे हैं तो भी उन्हें तकलीफ हो रही है। प्रदेश के एक हजार गांवों में हम आरओ लगा रहे हैं ताकि शुद्ध पेयजल मिल सके। इनका काम केवल जनता का मनोबल तोडना रह गया है। पहले भी यात्रा निकालकर लोगों को भडकाया। इनका काम ही लोगों को झांसा देना है। कामों की तुलना क्यों नहीं करते हैं। इनकी सरकार और हमारी सरकार के पानी, बिजली, शिक्षा, सडक, निवेश चाहे जिस में तुलना कर लें, तो इनकी पोल खुल जाएगी कि इन्होंने क्या किया। सरकार ने सामाजिक सुरक्षा की इतनी योजनाएं दी कि अब प्रदेश देश में सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं में सिरमौर बन गया है। वसुन्धरा राजे बुजुर्गों, विधवाओं, निशक्तजनों को पेंशन दे रहे हैं तो कह रही है कि सरकार रेवडया बांट रही है, लेकिन अपना ईमान मत बेचना। शर्म आनी चाहिए उन्हें, दुर्भाग्यपूर्ण बातें करती हैं। वोट तो आत्मा से दिया जाता है। लेकिन ये अधिकार उन्हें नहीं कि वे आम जनता के ईमान पर शक की बातें करने लग जाए। उन्हें तकलीफ हो रही है कि काम क्यों हो रहे हैं। लेकिन जनता को पता है कि प्रदेश में ऐसा विकास और ऐसी योजनाएं कहीं नहीं मिल रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे फिर से कांग्रेस को जनहित के कामों की रफ्तार बरकरार रखने के लिए चुनावों में कामयाब करें ताकि प्रदेश के कामों को आगे बढाकर इनमें चार चांद लगा सकें।
सरकार पर वे चाहे कितने ही आरोप लगा ले, कह दें कि यह चुनावों में रेवडया बांट रहे है, लेकिन चुनावों में कोई योजना लागू नहीं हुई। वे कितना ही कह ले, हमने केवल बजट की घोषणाओं को लागू किया है। सरकार हर बजट की जनकल्याकारी योजना को लागू करेगी, रुकेगी नहीं। चुनावों में योजना लागू करने की नीयत तो पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की ही रही है। उन्होंने अपनी सरकार में चुनावों में योजना लागू की थी, जिसका हमने विधानसभा में भी विरोध किया था। बाद में कोर्ट और चुनाव आयोग ने उनकी योजना को रोका।

गलत कानून बनाकर भाजपा ने अटकाया गुर्जरों का आरक्षण ः चन्द्रभान
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डॉ. चन्द्रभान ने कहा कि गुर्जरों से आरक्षण का इन्होंने वायदा किया था, लेकिन उसे गलत कानून बनाकर वसुन्धरा राजे अटका गई। हमने कोई वायदा गुर्जरों से नहीं किया था, लेकिन फिर भी हमने आयोग बनाकर गुर्जरों को एसबीसी में आरक्षण देने के कदम उठाए। इन्होंने गलत कानून बना दिया इसलिए कोर्ट ने उसे रोक दिया, लेकिन फिर भी हमारी प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत गुर्जरों का कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखने में लगे हैं। हम लोगों को लडाते नहीं है। यह काम तो भाजपा और उनकी नेता वसुन्धरा राजे का रहा है।

- - -

No comments:

Post a Comment