Thursday, May 9, 2013

वसुन्धरा ने फिजूलखर्ची में मिसालें बनाई, अब जनता को दुखी देखना उन्हें पसंद - गहलोत


जयपुर, 9 मई। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने मांगरोल में कांग्रेस संदेश यात्रा के दौरान हुई विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि वसुन्धरा राजे जनता को दुखी देखना चाहती हैं। वे कैसी नेता हैं जो ये चाहती है कि जनता के काम नहीं हों। सरकार काम कर रही है तो वे उनकी आलोचना में लगी है। जनता के पैसे को वे सरकार में थे तो केवल फिजूलर्खची पर लूटाया।

मांगरोल में उमड़ी रिकॉर्ड भीड़ को सम्बोधित करते हुए श्री गहलोत ने कहा कि वसुन्धरा राजे साढ़े चार साल तो राजस्थान से गायब रही। इन दौरान कांग्रेस सरकार ने जनता के कितने काम किए, उन्हें इसका पता नहीं है। उन्हें पता नहीं है कि राजस्थान की तस्वीर इन सालों में कितनी बदल गई है। वे तो पता नहीं कौनसी बातें कर रही हैं। जनता के लिए हम राहत की योजनाएं बना रहे हैं तो वे कह रही हैं कि हम जनता के पैसे को लूटा रहे हैं। वे तो चाहती हैं कि जनता दुखी रहे। उनके काम न हों। वे ये केवल चुनावों में वोट लेने के लिए यह सब कर रही हैं। कितनी संर्कीण विचार रखती हैं। जनता के कामों की तारीफ करना तो दूर उनकी हंसी उड़ा रहीं हैं। खुद सरकार में थी तो प्रदेश को बर्बाद कर चली गई। फिजूलखर्ची की मिसालें बना दी। मुंबई की महंगी होटलों में रुकती हैं। जहां एक रात का किराया ही पचास से एक लाख रुपए होता है। हम गरीबों को पचास हजार मकान बनाने के लिए दे रहे हैं तो कह रहीं है कि क्यों दे रहे हैं। इतने पैसे में तो मकान नहीं बनता। लेकिन उन्हें पता नहीं जितना पैसा वे होटल में एक रात के किराए में उड़ा रहीं है उससे गरीब का झोपड़ा पक्का हो जाता है। वहीं उनके लिए महल होता है। उन्हें ऎसी बातें करने की जगह अपनी और हमारी सरकार के पांच सालों के लेखें जोखें पर बहस करनी चाहिए। उनकी सरकार थी तो केन्द्र में यूपीए प्रथम सरकार ने डॉ.मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया। केन्द्र ने जमकर पैसा दिया। केन्द्र सरकार के कामों को झूठ बोल-बोल कर खुद का बताती रही।
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