Wednesday, May 12, 2010

गुर्जर अधिवक्ताओं ने समझौते को उचित एवं न्याय संगत बताया

गुर्जर अधिवक्ताओं ने समझौते को उचित एवं न्याय संगत बताया

जयपुर, 12 मई। राजस्थान उच्च न्यायालय में गुर्जर समाज के लगभग दो दर्जन अधिवक्ताओं ने राज्य सरकार एवं गुर्जर प्रतिनिधियों के बीच आरक्षण को लेकर हुए समझौते के संवैधानिक एवं विधिक पहलुओं पर विचार कर मौजूदा परिस्थितियों में इसे उचित करार दिया है।

मंगलवार को राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर के सतीश चन्द्र अग्रवाल सभागार में हुई बैठक में गुर्जर समाज के इन अधिवक्ताओं ने समझौते पर विभिन्न दृष्टिकोण से विचार-विमर्श किया। वक्ताओं का मानना था कि मौजूदा हालात में गुर्जर प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के बीच हुआ समझौता न्यायसंगत एवं उचित है।

अधिवक्ताओं की राय थी कि राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन जनहित याचिका का शीघ्रताशीघ्र निस्तारण करवाया जाये, जिससे राज्य में गुर्जरों सहित विशेष पिछडा वर्ग को आरक्षण प्रक्रिया का तत्परता से लाभ मिल सकें।

बैठक में राजस्थान उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सर्वश्री विरेन्द्र सिंह गुर्जर, आर.आर.बैंसला, शैलेन्द्र सिंह, बी.एम.गुर्जर, कृष्णा वर्मा, बच्चू सिंह, कृष्णा रावत, जगदीश गुर्जर, रामरतन डोई, प्रताप सिंह गुर्जर, सत्यपाल पोसवाल, तीमन सिंह, राजकुमार कसाना, श्रीमती सुदेश कसाना, रामेश्वर गुर्जर, प्रकाश गुर्जर, प्रवीण पोसवाल, महेन्द्र सिंह गुर्जर, सांवर सिंह, निर्मल गुर्जर एवं जितेन्द्र सिंह गुर्जर उपस्थित थे।
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